जयंत पाटिल, सतेज पाटिल (सोर्स- सोशल मीडिया) 
मुंबई

जयंत पाटिल के NDA में जाने की अटकलों पर सतेज पाटिल बोले- 2029 में बदलेगी महाराष्ट्र की राजनीति

Maharashtra Political Crisis: NCP के जयंत पाटिल के महायुति में शामिल होने की अटकलों को सतेज पाटिल ने खारिज किया। सुनील तटकरे बोले- फैसला लेने का अधिकार शरद पवार को है।

रूपम सिंह

Jayant Patil NDA Speculation: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी  के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल के एनडीए में शामिल होने और उन्हें राज्य का वित्त मंत्री बनाए जाने की चर्चाओं के बीच कांग्रेस नेता सतेज पाटिल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जयंत पाटिल कभी भी अपनी प्रगतिशील विचारधारा और राजनीतिक विरासत नहीं छोड़ेंगे तथा वर्ष 2029 में महाराष्ट्र की राजनीति में बदलाव निश्चित है।

सतेज पाटिल ने कहा कि जयंत पाटिल शाहू, फुले और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रगतिशील विचारधारा को आगे बढ़ाने वाले मजबूत नेता हैं। वे स्वर्गीय यशवंतराव चव्हाण की राजनीतिक विरासत के वारिस हैं। इसलिए मुझे नहीं लगता कि वे महायुति के साथ जाकर दक्षिणपंथी राजनीति का हिस्सा बनेंगे।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय भले ही चुनौतीपूर्ण हो, लेकिन यह दौर गुजर जाएगा। हमें विश्वास है कि 2029 के विधानसभा चुनाव में महाराष्ट्र की राजनीति में बदलाव होगा। हम सभी एकजुट रहेंगे और जयंत पाटिल भी हमारे साथ ही रहेंगे।

राज्य सरकार पर साधा निशाना सरकार की घोषित कर्जमाफी योजना पर सवाल उठाते हुए सतेज पाटिल ने कहा कि यदि योजना में कई शर्तें लगाई जाएंगी तो उसे सार्वभौमिक कर्जमाफी नहीं कहा जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की घोषणाओं और उनके क्रियान्वयन के बीच बड़ा अंतर है। उन्होंने कहा कि बिजली बिल में राहत के नाम पर बिजली कंपनियों को भ्रष्टाचार का लाभनहीं मिलना चाहिए।

वित्त विभाग पर राष्ट्रवादी का दावा बरकरार

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा वित्त विभाग राष्ट्रवादी को दिए जाने का विरोध किए जाने की चर्चाओं को खारिज करते हुए तटकरे ने कहा कि शिंदे सहयोगी दलों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध रखते हैं और वे किसी दल को कोई विशेष विभाग न देने जैसी बात नहीं करेंगे।

उन्होंने दोहराया कि वित्त विभाग पर राष्ट्रवादी कांग्रेस का दावा कायम है। तटकरे ने कहा कि इस मुद्दे सहित अन्य विषयों पर चर्चा के लिए पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात की जाएगी।

फैसला लेने का अधिकार शरद पवार को : तटकरे

उधर, राकां के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कहा कि जयंत पाटिल और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मुलाकात को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। जयंत पाटिल वरिष्ठ और अनुभवी नेता है। वे 7 बार विधायक रहे हैं और कई प्रशासनिक विषयों पर मुख्यमंत्री से मुलाकात कर सकते हैं।

इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है। पवार तय करेंगे किसके साथ जाना है शरद पवार के एनडीए में शामिल होने की अटकलों पर तटकरे ने कहा कि पिछले 6 दशकों से शरद पवार राज्य और देश की राजनीति के प्रमुख नेताओं में रहे है। इसलिए अपनी पार्टी की राजनीतिक दिशा तय करने और सत्ता में किसके साथ जाना है, इसका निर्णय लेने का पूरा अधिकार उन्हें है।

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