NCP Congress Merger Debate: मुंबई महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़े उलटफेर के संकेत मिल रहे हैं। महाविकास आघाडी का हिस्सा रही शरद पवार की राकां में इन दिनों भविष्य की रणनीत्ति को लेकर घमासान मचा है। पार्टी के भीतर दो अलग-अलग गुट बन गए हैं, जिससे शरद पवार के सामने अपने कुनबे को एकजुट रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, राकां शरदचंद्र पवार पार्टी के भीतर दो धड़े बन गए हैं। एक गुट का मानना है कि मौजूदा राजनीतिक हालात में पार्टी का कांग्रेस में विलीन हो जाना ही हितकर है। वहीं, दूसरा गुट इसके बिल्कुल विपरीत राय रखता है। इनका तर्क है कि यदि सत्ता में भागीदारी नहीं मिली, तो वे एनडीए के साथ जाकर अपने निर्वाचन क्षेत्रों के विकास कार्य पूरे कर सकते हैं। इस आपसी खींचतान ने पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस विलीनीकरण की चर्चा को कांग्रेस नेताओं ने और हवा दे दी है। पहले नाना पटोले ने दावा किया कि समविचारी दलों को एक मंच पर लाने की प्रक्रिया चल रही है और राकां इसके लिए सकारात्मक है। वहीं, अब विजय वडेट्टीवार ने कहा कि शरद पवार सेक्युलर विचारधारा के लिए काम कर रहे हैं और उनके विचार कांग्रेस से मिलते हैं, इसलिए हाईकमान इस पर चर्चा कर रहा है। वडेट्टीवार के अनुसार, इससे कांग्रेस को मजबूती मिलेगी।
हालांकि, विलीनीकरण की इन चर्चाओं पर राकां एसपी के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने पहले ही कड़ा रुख अपनाते हुए दावों को खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी की तरफ से ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। फिलहाल, शरद पवार के सामने अपने उन विधायकों एवं सांसदों को रोके रखने की चुनौती है, जो सत्ता से दूर रहने के कारण परेशान है।