खरीफ बुवाई किसान (सोर्स - सोशल मिडिया)  
मुंबई

खरीफ बुवाई पर महाराष्ट्र सरकार की किसानों को सलाह, जल्दबाजी न करें, मिट्टी पूरी तरह नम होने पर ही बोएं फसल

Kharif Crops 2026: महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने किसानों को अल नीनो के प्रभाव के प्रति चेताया। पर्याप्त बारिश और मिट्टी नम होने तक खरीफ फसलों की बुवाई न करने की सलाह दी।

रूपम सिंह

Kharif Sowing Maharashtra Dattatray Bharne: महाराष्ट्र में मानसून सक्रिय होने के बावजूद राज्य सरकार ने किसानों को खरीफ फसलों की बुवाई को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। विधानसभा में बुधवार को चर्चा का जवाब देते हुए कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने कहा कि अल नीनो के संभावित प्रभाव को देखते हुए किसान पर्याप्त और स्थिर वर्षा होने तक बुवाई में जल्दबाजी न करें।

मिट्टी पूरी तरह नम होने तक करें इंतजार

कृषि मंत्री ने कहा कि पिछले दो दिनों में महाराष्ट्र के कई हिस्सों में मानसून पहुंच चुका है, लेकिन खरीफ फसलों की बुवाई के लिए केवल शुरुआती बारिश पर निर्भर रहना उचित नहीं होगा। किसानों को तब तक इंतजार करना चाहिए, जब तक खेतों की मिट्टी पूरी तरह नम न हो जाए और सामान्य बारिश का क्रम मजबूत न हो जाए। उन्होंने बताया कि अगले तीन से चार दिनों में राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में अच्छी बारिश की संभावना है।

मौसम की अनिश्चितताओं से निपटने की तैयारी

भरणे ने कहा कि राज्य सरकार मौसम संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए विभिन्न संस्थाओं के साथ मिलकर काम कर रही है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), मौसम विभाग, कृषि विश्वविद्यालयों और कृषि विज्ञान केंद्रों के सहयोग से किसानों को समय-समय पर वैज्ञानिक सलाह और मौसम आधारित मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य अल नीनो सहित अन्य जलवायु जोखिमों के प्रभाव को कम करना है।

बीमा और जलवायु अनुकूल कृषि पर जोर

सरकार किसानों को फसल बीमा, जलवायु अनुकूल खेती और कृषि अवसंरचना निवेश के माध्यम से सहयोग देने का प्रयास कर रही है। मंत्री ने कहा कि बदलते मौसम के दौर में टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना आवश्यक है, जिससे किसानों को उत्पादन और आय दोनों स्तरों पर सुरक्षा मिल सके।

कपास उत्पादकता मिशन होगा लागू

कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने बताया कि केंद्र प्रायोजित कपास उत्पादकता मिशन वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक महाराष्ट्र में लागू किया जाएगा। इस मिशन का उद्देश्य कपास की उत्पादकता बढ़ाना, आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।

1,523 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित

भरणे ने बताया कि फसल बीमा योजना के तहत प्रभावित किसानों को अब तक 1,523 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया जा चुका है। शेष 59 करोड़ रुपये के भुगतान की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही पात्र किसानों को इसका लाभ मिल जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है।

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