अवैध उत्खनन, प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स- सोशल मीडिया
मुंबई

अवैध उत्खनन पर बड़ा फैसला: बकाया जुर्माना वसूली के लिए अभय योजना लाएगी महाराष्ट्र सरकार, समिति गठित

Maharashtra Illegal Mining: महाराष्ट्र सरकार गौण खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन में बकाया जुर्माने की वसूली के लिए 'अभय योजना' ला रही है। अध्ययन के लिए नागपुर आयुक्त की अध्यक्षता में समिति बनी।

रूपम सिंह

Highlights

  • महाराष्ट्र में अवैध खनन के बकाया जुर्माने के लिए ‘अभय योजना’ की तैयारी।

  • योजना का अध्ययन करने के लिए समिति गठित, 60 दिनों में रिपोर्ट देगी।

  • जुर्माना वसूली तेज करने और जब्त वाहनों के निपटारे पर जोर।

Maharashtra Abhay Yojana: महाराष्ट्र सरकार गौण खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन के मामलों में बकाया जुर्माने की वसूली तेज करने के लिए 'अभय योजना' लाने की तैयारी कर रही है। इस प्रस्तावित योजना की व्यवहार्यता, शर्तों और कार्यान्वयन की प्रक्रिया का अध्ययन करने के लिए राजस्व विभाग ने एक समिति गठित की है। समिति को 60 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। इस संबंध में शासनादेश भी जारी किया गया है।

नागपुर विभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में समिति

राज्य सरकार की ओर से गठित इस समिति की अध्यक्षता नागपुर विभागीय आयुक्त करेंगे। समिति को प्रस्तावित अभय योजना के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर महाराष्ट्र सरकार को सुझाव देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें योजना की शर्तें, लागू करने की अवधि और जुर्माना वसूली की प्रक्रिया जैसे मुद्दे शामिल होंगे।

बकाया जुर्माने की वसूली बढ़ाने पर जोर

राजस्व विभाग के सामने अवैध खनन और खनिजों के गैर-कानूनी परिवहन के मामलों में लगाए गए दंड की वसूली एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। कई मामलों में जुर्माने की रकम बकाया है। इसी पृष्ठभूमि में सरकार यह विचार कर रही है कि क्या दंड की राशि में निर्धारित शर्तों के तहत राहत देकर संबंधित लोगों को एकमुश्त भुगतान का अवसर दिया जा सकता है।

हालांकि, जुर्माने में कितनी छूट मिलेगी और किन मामलों को योजना में शामिल किया जाएगा, इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। समिति की सिफारिशों के आधार पर आगे की रूपरेखा तय की जा सकती है।

दस गुना जुर्माने के प्रावधान का भी होगा महत्व

7 अगस्त 2026 को जारी अध्यादेश के अनुसार किए गए बदलावों में संपत्ति के मूल्य का दस गुना जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है। ऐसे में प्रस्तावित अभय योजना की शर्तें तय करते समय दंड संबंधी मौजूदा प्रावधानों और उनकी कानूनी स्थिति पर भी ध्यान देना होगा।

मुकदमे घटाने और जब्त वाहन निपटाने का लक्ष्य

प्रस्तावित योजना का उद्देश्य बकाया जुर्माने की वसूली में तेजी लाना, अदालतों में लंबित विवादों को कम करना और जब्त वाहनों के निपटारे की प्रक्रिया आसान बनाना है।

समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार योजना को लागू करने, उसकी पात्रता और भुगतान की शर्तों पर अंतिम फैसला ले सकती है। फिलहाल, अभय योजना प्रस्तावित चरण में है और इसके अंतिम नियमों की घोषणा होना बाकी है।

वोट चोरी के मुद्दे पर आज INDIA गठबंधन की बैठक, CEC के इस्तीफे और दिल्ली रैली पर बनेगी रणनीति

Amit Shah: बूथ कार्यकर्ता से देश के गृह मंत्री तक का सफर, अब नशे के खिलाफ आखिरी वार का डेडलाइन किया फिक्स

Weather Update: तमिलनाडु-केरल में भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम?

अमित शाह का शेयर, नेटवर्थ और जमीन-जायदाद, जानिए कितने करोड़ के मालिक हैं देश के गृह मंत्री?

आर्टिकल 370 से नक्सलवाद के खिलाफ अभियान तक, अमित शाह के 5 सबसे बड़े फैसले, जिसने बदली देश की तस्वीर