

अमरावती में नाबालिग की प्रसूति के बाद नवजात बच्ची को साढ़े तीन लाख रुपये में बेचने की तैयारी का आरोप।
फ्रेजरपुरा पुलिस ने डॉ. मयूर उत्तम धांडगे को गिरफ्तार किया।
महिला डॉक्टर डॉ. वैशाली भोजने और उसका पति प्रफुल्ल भोजने फरार।
बुटी प्लॉट स्थित अस्पताल, मैटरनिटी, सोनोग्राफी और एमटीपी सेंटर सील।
पुलिस ने अस्पताल से महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए।
Amravati Hospital Sealed Doctor Arrested: अमरावती में नाबालिग की प्रसूति के बाद नवजात बच्ची को कथित तौर पर साढ़े तीन लाख रुपये में बेचने की तैयारी का मामला सामने आया है। फ्रेजरपुरा पुलिस ने एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया है, जबकि महिला डॉक्टर और उसका पति फरार बताए जा रहे हैं। मनपा स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने बुटी प्लॉट स्थित अस्पताल को सील कर दस्तावेज जब्त किए हैं।
अमरावती में नाबालिग की प्रसूति के बाद नवजात बच्ची को कथित तौर पर साढ़े तीन लाख रुपये में बेचने की तैयारी का मामला सामने आने से अमरावती में हड़कंप मच गया है। मामले में फ्रेजरपुरा पुलिस ने डॉ. मयूर उत्तम धांडगे को गिरफ्तार किया है। वहीं, महिला डॉक्टर डॉ. वैशाली भोजने और उसका पति प्रफुल्ल भोजने फरार बताए जा रहे हैं।
बुधवार को पुलिस और महानगरपालिका के स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई में बुटी प्लॉट स्थित संबंधित अस्पताल को सील कर दिया गया। पुलिस ने अस्पताल से महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए हैं।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता के एक नाबालिग आरोपी के साथ प्रेम संबंध थे। शारीरिक संबंधों के बाद वह गर्भवती हो गई। जांच के दौरान डॉ. वैशाली भोजने के अस्पताल में उसके करीब पांच माह की गर्भवती होने की जानकारी सामने आई।
आरोप है कि महिला डॉक्टर ने गर्भपात से इनकार करते हुए एक संस्था के माध्यम से बच्ची को गोद दिलाने की बात कही। कथित तौर पर पीड़िता को यह भी बताया गया कि इससे पुलिस शिकायत और बदनामी जैसी परिस्थितियों से बचा जा सकता है।
जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने 15 अक्टूबर को इसी अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया। अगले दिन घर लौटने के बाद उसे दो महिलाओं से कथित तौर पर पता चला कि उसकी नवजात बच्ची को साढ़े तीन लाख रुपये में बेचने की तैयारी की जा रही है।
इसके बाद पीड़िता अपनी मां के साथ डॉक्टर के पास पहुंची। वहां नवजात बच्ची की कस्टडी को लेकर विवाद होने की जानकारी सामने आई। बाद में पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
अमरावती पुलिस निरीक्षक राजेंद्र राजुलवार और मनपा के वैद्यकीय अधिकारी विशाल काले की उपस्थिति में अस्पताल का ताला खोलकर तलाशी ली गई। कार्रवाई के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए। अस्पताल के मैटरनिटी, सोनोग्राफी और मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) सेंटर को भी सील कर दिया गया।
पुलिस ने डॉ. वैशाली भोजने, उसके पति प्रफुल्ल भोजने और एक नाबालिग आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। डॉ. मयूर धांडगे की पुलिस हिरासत बढ़ाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। बताया जाता है कि पीड़िता सबसे पहले डॉ. मयूर से मिली थी और उसी ने उसे डॉ. वैशाली भोजने से मिलवाया था।
फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। बच्ची को कथित तौर पर गोद दिलाने या बेचने के प्रयास से जुड़े आरोपों की जांच जारी है।