महाराष्ट्र में गौ तस्करी रोकने के लिए फडणवीस का सख्त आदेश (फोटो क्रेडिट-X)  
मुंबई

महाराष्ट्र में गौ तस्करों की अब खैर नहीं! शिंदे-फडनवीस सरकार का बड़ा फैसला, संगठित गिरोहों पर लगेगा सीधे मकोका

Maharashtra Cow Smuggling MCOCA: महाराष्ट्र सरकार का गौ तस्करों पर बड़ा प्रहार। अब लगेगा मकोका, अवैध बूचड़खानों को बंद करने के लिए गृह विभाग ने जारी किया कड़ा आदेश।

अनिल सिंह

Maharashtra Anti Cow Smuggling MCOCA Rules: महाराष्ट्र में गोवंश संरक्षण कानून लागू होने के बावजूद पड़ोसी राज्यों की सीमाओं और अंदरूनी इलाकों से अवैध रूप से गायों और गोवंश की तस्करी की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। कई इलाकों में स्थानीय प्रशासन की नाक के नीचे बिना लाइसेंस के अवैध बूचड़खाने संचालित किए जा रहे थे, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति भी प्रभावित होती थी। इस संवेदनशील मुद्दे को पूरी तरह समाप्त करने और अपराधियों के मन में खौफ पैदा करने के उद्देश्य से राज्य के गृह विभाग ने एक व्यापक और सख्त नियमावली जारी की है।

सरकार की इस नई नीति के तहत इस अवैध कारोबार को एक संगठित अपराध (Organised Crime) माना गया है। गृह विभाग के आदेशानुसार, यदि कोई समूह या गिरोह बार-बार इस तरह के कृत्यों में शामिल पाया जाता है, तो स्थानीय पुलिस कमिश्नर या आईजी स्तर के अधिकारी की अनुमति से उन पर सीधे मकोका लगाया जाएगा। इसके लागू होने से न केवल आरोपियों को आसानी से जमानत नहीं मिलेगी, बल्कि उनकी अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्तियों को भी कुर्क करने का रास्ता साफ हो जाएगा।

बॉर्डर पर तैनात होंगी पुलिस और पशुसंवर्धन विभाग की संयुक्त टीमें

महाराष्ट्र की सीमाओं से लगे अन्य राज्यों जैसे मध्य प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना से होने वाली अंतरा-राज्यीय गौ तस्करी को रोकने के लिए सरकार ने सीमावर्ती जिलों में विशेष 'संयुक्त जांच चौकियां' (Joint Check Posts) स्थापित करने का निर्णय लिया है। इन नाकों पर पुलिस बल के साथ-साथ परिवहन विभाग (RTO) और पशुसंवर्धन विभाग के अधिकारी 24 घंटे मुस्तैद रहेंगे। संदिग्ध वाहनों की सघन चेकिंग के लिए इन रूटों पर सीसीटीवी कैमरों का जाल भी बिछाया जा रहा है।

जवाबदेही तय: आम जनता के लिए जारी होंगे नोडल अफसरों के नंबर

प्रशासनिक स्तर पर किसी भी तरह की ढिलाई को रोकने के लिए सरकार ने इस पूरे अभियान की सीधी जिम्मेदारी संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों (Collectors) और पुलिस आयुक्तों (Police Commissioners) को सौंपी है। पुलिस, पशुसंवर्धन और परिवहन विभाग में विशेष नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए इन नोडल अधिकारियों के आधिकारिक मोबाइल नंबर और संपर्क सूत्र आम जनता के लिए सार्वजनिक (Public) किए जाएंगे, ताकि जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार को रोका जा सके।

स्थानीय निकायों को अल्टीमेटम

नए सरकारी आदेश में साफ कहा गया है कि यदि किसी नगरपालिका या ग्राम पंचायत क्षेत्र में कोई अवैध बूचड़खाना चलता हुआ पाया गया, तो इसके लिए सीधे वहां के प्रशासनिक मुखिया या वार्ड अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। परिवहन विभाग को भी कड़े आदेश दिए गए हैं कि गोवंश को ठूंस-ठूंस कर ले जाने वाले ट्रकों और पिकअप वाहनों के ड्राइवरों के लाइसेंस हमेशा के लिए निरस्त कर दिए जाएं। सरकार के इस चौतरफा प्रहार से राज्य के अवैध मांस कारोबारियों और पशु तस्करों में हड़कंप मच गया है।

Bypoll Results 2026 Live: तमिलनाडु, बंगाल, पुडुचेरी और असम के उपचुनावों की मतगणना, जानें हर अपडेट

Bypoll Results 2026: आज 4 राज्यों की 6 सीटों पर काउंटिंग, विजय और सुवेंदु अधिकारी की परीक्षा

Starlink: थैंक यू राहुल...यह वाकई चिंताजनक है, स्टारलिंक पर एलन मस्क का बयान; सरकार बोली- नियम सभी के लिए समान

Mulayam Singh Yadav: पहलवानी के चरखा दांव से मुख्यमंत्री की कुर्सी तक, ऐसा रहा उनका UP का सियासी सफर

IMD Rain Alert: यूपी-दिल्ली समेत कई राज्यों में बारिश की संभावना, केरल-तमिलनाडु में भारी बारिश