प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया) 
मुंबई

अग्निवीरों के लिए महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, रिटायरमेंट के बाद मिलेगी सरकारी नौकरी, अध्ययन समूह गठित

Agniveer Scheme Maharashtra: महाराष्ट्र के 11,000 अग्निवीरों के भविष्य को लेकर शिंदे सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। रिटायरमेंट के बाद रोजगार सुनिश्चित करने के लिए विशेष अध्ययन समूह का गठन किया गया है।

आकाश मसने

Maharashtra Govt Jobs For Agniveers: महाराष्ट्र में अग्निवीर योजना के तहत देश की सेवा करने वाले युवाओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने उन युवाओं की चिंता को दूर करने का बीड़ा उठाया है जो चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने के बाद अपने भविष्य और रोजगार को लेकर आशंकित थे।

महाराष्ट्र सरकार ने भारतीय सेना की 'अग्निवीर' योजना के तहत सेवा दे रहे युवाओं के लिए एक बेहद राहत भरा फैसला लिया है। प्रदेश के युवाओं में 4 साल की सेवा के बाद रोजगार को लेकर व्याप्त अनिश्चितता को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने उनके पुनर्वास की तैयारी शुरू कर दी है।

अध्ययन समूह का गठन और 75% युवाओं पर फोकस

राज्य के मंत्री शंभूराज देसाई ने विधान परिषद में जानकारी देते हुए बताया कि महाराष्ट्र से अब तक लगभग 11,000 युवाओं का चयन केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना के तहत हुआ है। नियमों के अनुसार, इनमें से 25 प्रतिशत (करीब 2,750 युवा) को तो केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में स्थायी तौर पर समाहित कर लिया जाएगा। लेकिन, शेष 75 प्रतिशत युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की जिम्मेदारी अब राज्य सरकार ने उठाई है।

किन विभागों में मिल सकती है नौकरी?

मंत्री देसाई के अनुसार, सेना से रिटायर होकर आने वाले युवाओं के कौशल का उपयोग राज्य की सुरक्षा व्यवस्था में किया जाएगा। इसके लिए वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों का एक विशेष अध्ययन समूह बनाया गया है। यह समूह अपनी रिपोर्ट अगले महीने पेश करेगा। इस रिपोर्ट के आधार पर अग्निवीरों को निम्नलिखित विभागों में प्राथमिकता मिल सकती है।

  • महाराष्ट्र होमगार्ड
  • वन विभाग सुरक्षा दल
  • राज्य सुरक्षा कॉर्पोरेशन
  • पुलिस बल और अन्य वर्दीधारी सेवाएं

विपक्ष के सवालों पर लगा विराम

अग्निवीर योजना को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र और राज्य सरकारों को घेरता रहा है। मुख्य चिंता यह रही है कि 22-23 साल की उम्र में सेवामुक्त होने के बाद ये युवा क्या करेंगे? महाराष्ट्र सरकार का यह कदम न केवल युवाओं का मनोबल बढ़ाएगा, बल्कि विपक्ष के आरोपों पर भी विराम लगाएगा।

देसाई ने स्पष्ट किया कि अध्ययन समूह की रिपोर्ट आने के बाद संबंधित विभागों के मंत्रियों और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री की अंतिम मंजूरी के बाद भर्ती प्रक्रिया के नियमों में संशोधन या अग्निवीरों के लिए आरक्षण का प्रावधान किया जा सकता है।

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