महाराष्ट्र सूखा खरीफ फसल, प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स- सोशल मीडिया
मुंबई

महाराष्ट्र में मंडराया सूखा संकट: 83.5% ही हुई बारिश, मराठवाड़ा में फसलें प्रभावित, नेपाल में बचाव कार्य जारी

Marathwada Drought Crop Crisis: महाराष्ट्र में मानसून की 16.5% कमी से मराठवाड़ा में खरीफ फसलें सूखने की कगार पर हैं। वहीं, नेपाल बाढ़ आपदा में फंसे पर्यटकों का बचाव अभियान भी जारी है।

रूपम सिंह

Maharashtra Drought Kharif Crops Damage: महाराष्ट्र में 1 जून से 6 सितंबर 2026 तक औसत की तुलना में केवल 83.5 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है, अर्थात औसत से 16.5 प्रतिशत कम वर्षा हुई है।

लंबे अंतराल से जारी सूखे के कारण राज्य के कई जिलों में खरीफ की फसलें संकट में पड़ गई हैं। सरकार ने फसल स्थिति की गहन समीक्षा करते हुए प्रभावित क्षेत्रों पर निगरानी और आपदा प्रबंधन की तैयारी तेज कर दी है।

मराठवाड़ा में स्थिति गंभीर बीड में औसत की तुलना में 68.5 प्रतिशत बारिश हुई है, जहां 3 सप्ताह से बारिश न होने से करीब 2.85 लाख हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है।

यदि अगले 8-10 दिनों में बारिश नहीं होती है, तो 60 से 70 प्रतिशत फसलें प्रभावित हो सकती हैं। जालना में भी लगभग 1.63 लाख हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है।

लातूर, धाराशिव में सूख रहीं फसलें लातूर में 56 प्रतिशत और धाराशिव में 70 प्रतिशत ही वर्षा दर्ज की गई है। बारिश के अभाव में सोयाबीन, मूंग, उड़द, कपास और तुअर की फसलें सूखने की कगार पर हैं। परभणी में 59 प्रतिशत बारिश के कारण लगभग सभी तालुकाओं की फसलें प्रभावित हुई हैं।

137.05 लाख हेक्टेयर में बुवाई

राज्य में 137.05 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुवाई संपन्न हुई है, जो पांच साल के औसत का 95 प्रतिशत है, राज्य में कृषि कार्यों के लिए 39.54 लाख टन खाद की बिक्री हो चुकी है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

आगामी दिनों में हल्की राहत की उम्मीद

मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में कोंकण में व्यापक तथा मध्य महाराष्ट्र व मराठवाड़ा में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जबकि विदर्भ में 11-12 सितंबर को भारी वर्षा हो सकती है।

नेपाल में संयुक्त बचाव अभियान जारी

तो वहीं नेपाल-तिब्बत फ्लैश फ्लड में फंसे महाराष्ट्र राज्य के 406 पर्यटकों में से 67 लापता लोगों को छोड़कर शेष सकुशल लौट आए हैं।

लापता नागरिकों की पहचान के लिए डीएनए नमूने दिल्ली भेजे गए हैं तथा दूरसंचार विभाग व विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर अभियान जारी है।

बचाव इसी बीच आपदाओं से और निपटने के लिए राज्य में एनडीआरएफ एसडीआरएफ की 23 टीमें जुलाई महीने से ही तैनात की गई हैं।

एसईओसी ने सचेत प्रणाली के माध्यम से 1,800 से अधिक अलर्ट भेजे हैं। नाशिक, जलगांव और गड़चिरोली शहर में हल्के भूकंप के झटकों के बाद प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

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