Maharashtra Congress training camp: महाराष्ट्र की राजनीति में जारी भारी उथल-पुथल के बीच कांग्रेस पार्टी अपने जमीनी आधार को मजबूत करने और सांगठनिक ढांचे को नई धार देने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के विशेष संगठन सृजन अभियान के तहत हाल ही में नियुक्त किए गए राज्य के 7 हजार नवनियुक्त पदाधिकारियों के लिए एक वृहद प्रशिक्षण शिविर का खाका तैयार किया गया है।
यह चार दिवसीय भव्य प्रशिक्षण शिविर आगामी 26 मई से 29 मई 2026 तक मुंबई के दादर स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, तिलक भवन में आयोजित किया जाएगा। इस शिविर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष समेत राष्ट्रीय स्तर के कई वरिष्ठ नेताओं की मुख्य उपस्थिति रहेगी।
इस भव्य प्रशिक्षण शिविर की रूपरेखा और इसके पीछे की कड़ी मेहनत की जानकारी देते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष (संगठन एवं प्रशासन) एडवोकेट गणेश पाटील ने बताया कि संगठन सृजन अभियान के अंतर्गत की गई ये नियुक्तियां कोई सामान्य नियुक्तियां नहीं हैं, बल्कि यह पूरी प्रक्रिया बेहद पारदर्शी और जमीनी स्तर पर काम करने वाली रही है।
पार्टी को मजबूत करने के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने महाराष्ट्र के प्रत्येक जिले में अपने विशेष केंद्रीय पर्यवेक्षक भेजे थे। इसके साथ ही संतुलन बनाए रखने के लिए प्रदेश कांग्रेस की तरफ से भी दो-दो पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई थी। इन सभी पर्यवेक्षकों ने राज्य के हर जिले, ब्लॉक और तालुका का सघन दौरा किया। वहां उन्होंने इच्छुक और सक्रिय कार्यकर्ताओं से सीधे आवेदन मांगे, जमीनी फीडबैक लिया और बेहद गहन साक्षात्कार (Interview) व व्यक्तिगत मुलाकात के बाद ही योग्य व वफादार चेहरों को संगठन की जिम्मेदारी सौंपी है।
यह भी पढ़ें: लाखों की फीस वसूलने वाले कोचिंग संस्थान डकैत; नेताओं और माफियाओं की सांठगांठ पर भड़के राधाकृष्ण विखे पाटिल
इस पूरी चयन प्रक्रिया के माध्यम से कांग्रेस पार्टी ने अपने विभिन्न आघाड़ियों (Frontals), मुख्य संगठन, विभागों और सेल (Cells) के पदाधिकारियों की नियुक्तियों को सफलतापूर्वक पूरा किया है। तिलक भवन में आयोजित होने वाले इस विभागवार शिविर का मुख्य उद्देश्य इन सभी 7 हजार नवनियुक्त पदाधिकारियों को, पार्टी की मूल विचारधारा और धर्मनिरपेक्ष नीतियों से गहराई से अवगत कराना, डिजिटल दौर में सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग और विपक्षी दलों के नैरेटिव का मुकाबला करने की तकनीक सिखाना और आगामी स्थानीय निकाय और अन्य राजनीतिक चुनौतियों से निपटने के लिए चुनावी प्रबंधन का पाठ पढ़ाना।