शिक्षा मंत्री डॉ. पंकज भोयर व एसोसिएशन (फोटो नवभारत)
मुंबई

महाराष्ट्र में कोचिंग रेगुलेशन बिल पर पंकज भोयर से एसोसिएशन ने की मुलाकात, प्रावधानों पर पुनर्विचार की मांग

Maharashtra Coaching Regulation Bill: महाराष्ट्र में कोचिंग क्लासेस के प्रस्तावित रेगुलेशन बिल पर प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा राज्यमंत्री पंकज भोयर से मुलाकात की। मसौदा समिति में प्रतिनिधित्व की मांग की।

सूर्यप्रकाश मिश्र, आलोक उमाकृष्ण

Pankaj Bhoyar On Coaching Regulation Bill: महाराष्ट्र में निजी कोचिंग क्लासेस के पंजीकरण और नियमन के लिए प्रस्तावित विधेयक को लेकर कोचिंग क्षेत्र के प्रतिनिधिमंडल ने स्कूली शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर से मुलाकात की।

प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है,कि प्रस्तावित रेगुलेशन विधेयक का मसौदा तैयार करने वाली समिति में कोचिंग क्लासेस क्षेत्र के एक प्रतिनिधि को भी शामिल किया जाए।

प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि प्रस्तावित रेगुलेशन का सीधा असर राज्यभर में संचालित कोचिंग संस्थानों पर पड़ेगा। ऐसे में विधेयक तैयार करते समय कोचिंग क्षेत्र की व्यावहारिक चुनौतियों, सुझावों और जमीनी अनुभवों को शामिल करना जरूरी है।

मसौदा तैयार करने से पहले हो विचार-विमर्श

महाराष्ट्र क्लास ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश कासट ने नेतृत्व में शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. भोयर से मिलकर कोचिंग संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रस्तावित नियामक ढांचे को अंतिम रूप देने से पहले कोचिंग क्षेत्र से जुड़े सभी संबंधित पक्षों के साथ विस्तृत चर्चा और सलाह-मशविरा किया जाए।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि क्षेत्र के प्रत्यक्ष अनुभवों को ध्यान में रखकर ही व्यावहारिक और प्रभावी नियामक व्यवस्था तैयार की जा सकती है।

डॉ. पंकज भोयर का आश्वासन

मुलाकात के दौरान राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि विधेयक को अंतिम रूप देकर मंजूरी के लिए आगे बढ़ाने से पहले कोचिंग क्लासेस के प्रतिनिधियों को विश्वास में लिया जाएगा। उन्होंने उनकी ओर से रखे गए सुझावों और आपत्तियों पर भी विचार करने की बात कही।

कुछ प्रावधानों पर पुनर्विचार की जरूरत

महाराष्ट्र क्लास ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश कासट ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक में शामिल कुछ प्रावधानों को लेकर कोचिंग क्षेत्र की महत्वपूर्ण आपत्तियां और सुझाव हैं। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित विधेयक की कुछ शर्तों पर पुनर्विचार कर आवश्यक संशोधन किए जाने की जरूरत है।

कोचिंग संस्थाओं का पक्ष शामिल करना जरूरी

Target Learning Ventures Pvt. Ltd. के निदेशक अगस्ती लावंड ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक का कोचिंग क्षेत्र पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए मसौदा तैयार करने और उसे अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में कोचिंग संस्थाओं के विचार और जमीनी अनुभवों को शामिल करना जरूरी है।

प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख मांगों में मसौदा समिति में कोचिंग क्षेत्र का प्रतिनिधित्व, विधेयक के प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा तथा व्यावहारिक सुझावों और आपत्तियों पर विचार शामिल हैं। इस मामले को लेकर एसोसिएशन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस एवं उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मिलने वाला है।

आश्वासन का प्रतिनिधिमंडल ने किया स्वागत

मंत्री डॉ. पंकज भोयर की ओर से दिए गए आश्वासन का प्रतिनिधिमंडल ने स्वागत किया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक को लेकर आगे होने वाली सलाह-मशविरा प्रक्रिया में कोचिंग क्षेत्र सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

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