Shivaji Park Event Mumbai News: मुंबई महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि राज्य में सभी लोगों को मराठी भाषा सीखना जरूरी है, लेकिन भाषा सिखाने के नाम पर हिंसा या भेदभाव को कभी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में कभी भी भाषा के नाम पर किसी के साथ भेदभाव नहीं किया गया है।
हमारी कभी इतनी संकुचित सोच वाली मानसिकता नहीं रही। छत्रपति शिवाजी महाराज ने भी हम सभी को यह संदेश दिया है। सीएम फडणवीस ने यह बात छत्रपति शिवाजी पार्क में एक मई को महाराष्ट्र दिवस के मौके पर कही।
उन्होंने कहा कि संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन एक ऐतिहासिक जन आंदोलन था, जिसका मुख्य उद्देश्य मराठी भाषी लोगों के लिए मुंबई सहित एक एकीकृत महाराष्ट्र राज्य का गठन करना था। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने जिस 'महाराष्ट्र धर्म की नींव रखी थी, उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हम सभी को काम करना है।
सीएम फडणवीस का मराठी भाषा पर बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में ऑटो रिक्शा व टैक्सी चालकों के लिए 1 मई से मराठी भाषा अनिवार्य करने का ऐलान किया गया था। हालांकि अब राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने मराठी सीखने के लिए 15 अगस्त तक की मोहलत दी है। इस विवाद के बाद मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने मराठी सिखाने के मुद्दे पर महायुति सरकार को घेरते हुए कहा है कि तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और गुजरात में स्थानीय भाषा का ज्यादा इस्तेमाल होता है। लेकिन महाराष्ट्र में सरकार के नरम रुख की वजह से समस्या पैदा हुई है।
फडणवीस ने आगे कहा कि देश के विकास में महाराष्ट्र एक अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि हम सभी को महाराष्ट्र को नंबर वन राज्य बनाने के लिए अपना पूरा योगदान देना चाहिए, सीएम ने विश्वास जताया कि विकास के मामले में आने वाले दिनों में महाराष्ट्र न केवल देश का बल्कि पूरी दुनिया में एक मिसाल कायम करेगा।
मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र दिवस और कामगार दिवस पर राज्य के लोगों को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि में महाराष्ट्र दिवस के मौके पर छत्रपति शिवाजी महाराज, महात्मा ज्योतिबा फुले, क्रांतिज्योति सावित्रीचाई फुले, राजश्री छत्रपति शाहु महाराज, संविधान निर्माता बाबा साहेब आंबेडकर और अन्य सभी महान समाज सुधारकों के योगदान को नमन करते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।