महाराष्ट्र मंत्रिमंडल (सौ. सोशल मीडिया ) 
मुंबई

Fadnavis की अध्यक्षता में कैबिनेट के अहम निर्णय, सिडको भूमि नीति को हरी झंडी

Devendra Fadnavis News: महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने सिडको की नई भूमि विकास नीति, कौशल्य विश्वविद्यालय में 9 नए पद, और कानूनी सुधारों सहित छह बड़े फैसले लिए गए हैं।

अपूर्वा नायक

Mumbai News In Hindi: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई महाराष्ट्र राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के समग्र विकास से जुड़े छह बड़े और महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

इन फैसलों में शहरी विकास, कौशल विकास, कानूनी सुधार और प्रशासनिक दक्षता से संबंधित कई प्रस्ताव शामिल हैं। दावा किया जा रहा है कि ये निर्णय समाज के सभी वर्गों के नागरिकों के लिए फायदेमंद साबित होंगे।

बैठक में मंत्रिमंडल ने सिडको सहित राज्य के विभिन्न प्राधिकरणों के पास उपलब्ध 'लैंड बैंक' का सवर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए 'संकल्पना आधारित आइकॉनिक शहर विकास का आदर्श नीति' (कॉन्सेप्ट बेस्ड सिडको के निदेशक मंडल ने एक अवधारणा आधारित प्रतिष्ठित नगर विकास नीति तैयार कर सरकार को प्रस्ताव प्रस्तुत किया है।

इसी प्रस्ताव के अनुरूप नीति को मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी गई। यह नीति राज्य में सिडको सहित विभिन्न प्राधिकरणों से भूमि और भूमि के उचित उपयोग के निर्धारण को प्राथमिकता देगी। संबंधित प्राधिकरण निविदा प्रक्रिया के माध्यम से निर्माण एवं विकास संचालकों-सीडीओ की नियुक्ति कर सकेगा।

इससे सीडीओ आवासीय एकीकृत कॉलोनियों या अंतर्राष्ट्रीय वाणिज्यिक क्षेत्रों का निर्माण कर सकेंगे, उन्हें विकास के अधिकार प्राप्त होंगे। वे परियोजना में फ्लैट और व्यावसायिक संपत्तियां बेच भी सकेंगे।

इस नीति में कॉलोनियों के निर्माण के लिए समयबद्ध शर्ते हैं और इसमें सीडीओ की जिम्मेदारी, नीतिगत उद्देश्यों की पूर्ति हेतु सुरक्षात्मक उपाय, प्रतिष्ठित विकास अवधारणाओं का चयन संक्षिप्त योजना, डेवलपर चयन प्रक्रिया, परियोजना के लिए विकास योजना, भूमि के कब्जे का हस्तांतरण, राजस्व हिस्सेदारी का वितरण, भुगतान की शतें, परियोजना पूर्णता से संबंधित प्रावधान जैसे मामले शामिल हैं।

राज्य में युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से स्थापित रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल्य विश्वविद्यालय के लिए 9 नए पदों के निर्माण को मंजूरी दी गई है।

कानून में किया गया सुधार, सहायक धर्मादाय आयुक्त पद के लिए वकालत का अनुभव अनिवार्य

महाराष्ट्र सार्वजनिक न्यास व्यवस्था अधिनियम, 1950 में सुधार करते हुए सहायक धर्मादाय आयुक्त (समूह-अ) के पद पर सीधी भर्ती के लिए अब तीन वर्ष का वकालत का अनुभव अनिवार्य कर दिया गया है। चूंकि सहायक धर्मादाय आयुक्त के कार्य अर्थ-न्यायिक प्रकृति के होते हैं।

इसलिए अनुभवहीन विधि स्नातकों की नियुक्ति से बचने के लिए यह निर्णय लिया गया है। इस अनुभव को अनिवार्य करने से सरकार की अनुभवी और उच्च गुणवत्ता वाले अधिकारी मिलेंगे, जिससे न्याय वितरण प्रक्रिया में सुधार होगा और नागरिकों को लाभ मिलेगा।

भिक्षावृत्ति निषेध कानून में अपमानजनक शब्दों में सुधार सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए, मुंबई भिक्षावृत्ति निषेध अधिनियम, 1959 में सुधार को मंजूरी दी गई है। अधिनियम की बारा 9 और 26 में सुधार किया जाएगा, जिसके तहत 'महारोग से पीड़ित, 'कुष्ठ रोगी' और 'कुष्ठ आश्रम जैसे अपमानजनक शब्दों को हटा दिया जाएगा कानूनी प्रावधानों से किसी भी प्रकार के अपमानजनक या भेदभावपूर्ण शब्दों को हटाना इसका उद्देश्य है।

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