Maharashtra Assembly Rahul Narwekar: महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने राज्य सरकार को विधानसभा में दिए गए आश्वासनों और लंबित जानकारियों पर श्वेत पत्र पेश करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट मौजूदा मानसून सत्र समाप्त होने से पहले सदन के पटल पर रखी जानी चाहिए, संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांत पाटील ने अगले चार दिनों में इस संबंध में कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
मंगलवार को विधानसभा में सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों को पूरा करने में हो रही देरी का मुद्दा फिर उठा। 17 दिसंबर 2015 के एक तारांकित प्रश्न से जुड़ी पूरक जानकारी सोमवार को सदन में पेश की गई थी। इस पर भाजपा विधायक
सुधीर मुनगंटीवार ने कड़ी नाराजगी जताई।
सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि सदन में दिए गए जवाब वर्षों बाद मिलना गंभीर विषय है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 के बजट सत्र में दी गई उनकी कटौती सूचना का उत्तर भी पिछले सप्ताह मिला। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि विधानसभा को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।
महाराष्ट्र विधानमंडल के मानसून सत्र में मंत्रियों और अधिकारियों की अनुपस्थिति एक गंभीर समस्या साबित हो रही है। आलम यह है कि मंत्री और अधिकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की बार-बार दी जाने वाली चेतावनी को भी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
मंत्रियों और अधिकारियों की अनुपस्थिति पर मंगलवार को विधानसभा में काफी हंगामा देखने को मिला। अनुपस्थिति पर महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने भी कड़ी नाराजगी जताई।
विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने मुख्य सचिव के साथ बैठक कर सभी विभागों द्वारा दिए गए आश्वासनों और उनकी पूर्ति की विभागवार समीक्षा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को सभी लंबित मामलों का स्पष्ट लेखा-जोखा सदन के सामने रखना चाहिए।
राहुल नार्वेकर ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में कार्यपालिका से जवाब मांगना और उसके काम का हिसाब लेना विधायिका की संवैधानिक जिम्मेदारी है। यदि सदन में मांगी गई जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराई जाती, तो यह संवैधानिक व्यवस्था के लिए घातक स्थिति है। उन्होंने सरकार से समयबद्ध तरीके से सभी आश्वासनों का पालन सुनिश्चित करने को कहा।