Magnet Project ADB Assistance Maharashtra: महाराष्ट्र के कृषि-व्यवसाय क्षेत्र में आधुनिक बुनियादी ढांचे और निजी निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुंबई में मंगलवार को ‘मैग्नेट एग्रीबिजनेस इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टर मीट’ का आयोजन किया गया।
विपणन मंत्री और महाराष्ट्र राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष जयकुमार रावल ने उम्मीद जताई कि इस पहल से राज्य के कृषि क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा होंगी।
जयकुमार रावल के अनुसार, मैग्नेट 2.0 परियोजना का प्रमुख उद्देश्य किसानों को उनकी उपज के लिए व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के साथ गुणवत्तापूर्ण प्रसंस्करण सुविधाएं और आधुनिक कृषि-व्यवसाय ढांचा तैयार करना है।
एशियाई विकास बैंक की सहायता से महाराष्ट्र एग्रीबिजनेस नेटवर्क (मैग्नेट) के माध्यम से फल, हल्दी, अदरक और कटहल जैसी कृषि उपज के लिए उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण और निर्यात तक एकीकृत मूल्य श्रृंखला विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
महाराष्ट्र राज्य में मैग्नेट 2.0 के तहत ‘हब-एंड-स्पोक’ मॉडल पर आधारित कृषि-व्यवसाय का बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा। इस व्यवस्था के माध्यम से कृषि उपज को संग्रहण, प्रसंस्करण और बाजार तक पहुंचाने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित करने का प्रयास होगा।
इससे फसल की बर्बादी कम करने और किसानों को प्रसंस्करण उद्योग तथा निर्यातकों से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है। पूरी मूल्य श्रृंखला मजबूत होने से कृषि उत्पादों के लिए बेहतर बाजार व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर रहेगा।
निवेशक सम्मेलन में कृषि व्यवसाय, खाद्य प्रसंस्करण, बैंकिंग, लॉजिस्टिक्स और स्टार्टअप क्षेत्र से जुड़े 200 से अधिक प्रतिनिधियों के भाग लेने की जानकारी दी गई है। सम्मेलन के दौरान निवेश और कृषि बुनियादी ढांचे से जुड़े सुझावों पर चर्चा की जाएगी।
सम्मेलन से प्राप्त सुझावों के आधार पर प्राथमिक कृषि क्लस्टरों की पहचान की जाएगी। इसके बाद निजी क्षेत्र की भागीदारी के लिए ‘एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ (EOI) जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
मैग्नेट 2.0 के माध्यम से कृषि क्षेत्र में निजी निवेश बढ़ाने, प्रसंस्करण क्षमता मजबूत करने और किसानों को बाजार से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। परियोजना से कृषि आधारित रोजगार के नए अवसर पैदा होने और किसानों को उनकी उपज के लिए बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद जताई गई है।