लॉरेंस बिश्नोई (सोर्स: सोशल मीडिया) 
मुंबई

सावधान! बेरोजगार युवाओं को 'बलि का बकरा' बना रहा लॉरेंस बिश्नोई गैंग; सुपारी के नाम पर ऐसे देता है बड़ा धोखा

Lawrence Bishnoi Gang News: लॉरेंस बिश्नोई गैंग क्लीन रिकॉर्ड वाले बेरोजगार युवाओं को बड़े पैसे और विदेश भेजने का लालच देकर अपराध की दलदल में धकेल रहा है। जानिए कैसे सुपारी के नाम पर होता है फ्रॉड।

आकाश मसने

Lawrence Bishnoi Modus Operandi: गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग क्लीन रिकॉर्ड वाले बेरोजगार युवाओं को अपराधी बना रहा है, और सुपारी के नाम पर शूटर्स को धोखा दे रहा है। बिश्नोई गैंग का एक प्रमुख मोडस ऑपरेंडी यही रहा है कि, वे बेरोजगार, आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को बड़े पैसे (सुपारी) का लालच देकर गोलीबारी, फायरिंग या हत्या जैसे अपराध करवाते हैं।

पुलिस और नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की जांच में बार-बार यह सामने आया है कि गैंग क्रिमिनल रिकॉर्ड वाले लोगों की बजाय क्लीन रिकॉर्ड वाले युवाओं को टारगेट करता है। क्योंकि ऐसे लोगों को पुलिस आसानी से ट्रैक नहीं कर पाती और गिरफ्तारी में दिक्कत होती है।

गैंग का तरीका क्या है?

गैंग के सदस्य जैसे अनमोल बिश्नोई, शुभम लोनकर आदि युवाओं को सोशल मीडिया, नेटवर्क, सिग्नल, व्हाट्सएप या अन्य ऐप्स के माध्यम से संपर्क करते हैं, वे अधिक पैसे, विदेश में बसने का वादा या 'बड़ी जिंदगी' का लालच देते हैं, नौकरी और रोजगार की कमी का फायदा उठाते हुए पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, यूपी और आसपास के इलाकों में बेरोजगार युवा आसानी से इस लालच में आ जाते हैं।

एडवांस पेमेंट और फिर दिया जाता है धोखा

ज्यादातर मामलों में 50,000 रुपये या इससे कम एडवांस दिए जाते हैं, और बाकी राशि (कुल 2-5 लाख या इससे ज्यादा) काम पूरा होने के बाद देने का वादा किया जाता है। लेकिन अक्सर युवा गिरफ्तार हो जाते हैं और उन्हें पूरा पैसा कभी नहीं मिलता है, और उनके साथ धोखा होता है।

एनआईए और दिल्ली पुलिस के अनुसार, गैंग जानबूझकर ऐसे युवाओं को चुनता है। जिनका कोई पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड न हो। इससे पुलिस को जांच में काफी मुश्किल होती है, क्योंकि उनका नाम पहले से किसी डेटाबेस में दर्ज नहीं होता है। वहीं ये शूटर गैंग के बारे में अधिक जानते नहीं है तो पुलिस को कुछ बता नहीं पाते हैं।

कम पढ़े-लिखे युवक जल्दी बन जाते हैं शिकार

रोहित शेट्टी के घर फायरिंग (फरवरी 2026): आरोपी युवाओं को कुल 3 लाख रुपये का वादा किया गया था। मुख्य शूटर दीपक शर्मा को 50,000 रुपये एडवांस दिए गए, ये युवा बेरोजगार या कम पढ़े-लिखे थे, जो लालच में आ गए। सलमान खान घर फायरिंग (2024): शूटरों को 4 लाख का वादा, 1 लाख एडवांस दिया था। लेकिन सभी पकड़े गए इसके लिए उन्हें बाकी की रकम नहीं मिली। बाबा सिद्दीकी हत्या (2024): विभिन्न शूटरों को 2-15 लाख रुपए तक देने का वादा किया गया था, लेकिन एडवांस में 50,000 या कम दिए गए। इनमें से कई युवा बेरोजगार थे।

ओबीसी 27 प्रतिशत आरक्षण मामले में मोहन सरकार की बड़ी तैयारी! दिल्ली में सॉलिसिटर जनरल से मिले सीएम डॉ. यादव

फेस्टिवल के बीच UPI यूजर के लिए बड़ी खबर, MDR लागू करने का फैसला टला; जल्द आएगी नई तारीखें

भारत में प्रदर्शन के पीछे इस्लामी ताकतें! अमेरिकी पत्रकार ने दी चेतावनी, लाखों डॉलर की फंडिंग का दावा

आपदा की मार झेल रही दुनिया! नेपाल-पनामा की तबाही के बीच UN का सेंडाई फ्रेमवर्क को लोग कर रहे याद

जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई, कॉकरोच जनता पार्टी के सौरभ दास और आशुतोष रांका हिरासत में