रोहित शेट्टी फायरिंग केस में नया मोड़, जेल से रची गई साजिश, क्राइम ब्रांच की 12 टीमें कर रहीं जांच

Rohit Shetty के जुहू स्थित घर पर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में साजिश के तार लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों तक पहुंचे हैं। जेल से कथित तौर पर वारदात की योजना रची गई।
Rohit Shetty firing case New twist conspiracy hatched from jail
रोहित शेट्टी फायरिंग केस (Image- Social Media)
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Rohit Shetty House Firing Case: निर्देशक रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर पर 1 फरवरी को हुई फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि हमले की साजिश कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों ने रची थी। पुलिस के मुताबिक, महाराष्ट्र में गैंग से जुड़े शुभम लोनकर और उसके भाई प्रवीण लोनकर की इस साजिश में अहम भूमिका रही है।

जांच के अनुसार, प्रवीण लोनकर इस समय एक अन्य आपराधिक मामले में जेल में बंद है। इसके बावजूद उसने बाहर मौजूद साथियों के जरिए कथित रूप से हथियार और आर्थिक मदद उपलब्ध कराई। पुलिस को शक है कि जेल से ही नेटवर्क तैयार कर पूरी वारदात की योजना बनाई गई। क्राइम ब्रांच अब इस बात की जांच कर रही है कि जेल के अंदर से संपर्क और निर्देश कैसे पहुंचाए गए।

12 आरोपियों को किया गया है गिरफ्तार

अब तक इस मामले में पुणे, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें मुख्य शूटर भी शामिल है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रवीण लोनकर को जल्द ही इस केस में औपचारिक रूप से हिरासत में लेकर पूछताछ की जाएगी, ताकि साजिश के बाकी कड़ियों का खुलासा हो सके।

रोहित शेट्टी के घर पर चलाई गई पांच गोलियां

जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल, पिस्तौल और अन्य संसाधन कथित तौर पर लोनकर के निर्देश पर जुटाए गए थे। इस पूरे घटनाक्रम ने जेल सुरक्षा और आपराधिक नेटवर्क के संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 1 फरवरी की रात करीब 12:45 बजे रोहित शेट्टी के जुहू स्थित नौ मंजिला इमारत की पहली मंजिल पर कम से कम पांच गोलियां चलाई गई थीं।

क्राइम ब्रांच की 12 टीमें करेगी जांच

एक गोली इमारत के जिम के शीशे में जा लगी थी। घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा भी सामने आया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने महाराष्ट्र कण्ट्रोल ऑफ ऑर्गेनिनसेड क्राइम एक्ट यानी मकोका की धाराएं लगाई हैं। क्राइम ब्रांच की 12 टीमें इस केस की जांच में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि आगे की पूछताछ में गैंग की अन्य योजनाओं और नेटवर्क का भी खुलासा हो सकता है।

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