Government Employees Scam: महाराष्ट्र सरकार की मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहिन योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आने के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, सरकार ने अब तक अपात्र लाभार्थियों से लगभग 11 करोड़ रुपये की वसूली की है (Ladki Bahin Yojana Recovery)। चौंकाने वाली बात यह है कि इस योजना का अनुचित लाभ उठाने वालों में बड़ी संख्या सरकारी कर्मचारियों और पुरुषों की है, जो पात्रता मानदंडों के अनुसार स्पष्ट रूप से वर्जित थे।
शुरुआती जांच में सरकार ने करीब 2,400 कर्मचारियों की पहचान की थी, लेकिन आरटीआई (RTI) से मिली जानकारी के अनुसार, कम से कम 12,915 सरकारी कर्मचारियों ने अवैध रूप से 1,500 रुपये की मासिक सहायता प्राप्त की। कड़ी कार्रवाई के निर्देश:
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि योजना के तहत करोड़ों रुपये पुरुषों के खातों में भी भेजे गए। अक्टूबर 2025 तक की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 12,431 पुरुषों और 77,980 अपात्र महिलाओं को ₹164.52 करोड़ का गलत भुगतान किया गया था। महिला एवं बाल विकास विभाग (WCD) के सचिव अनूप कुमार यादव ने पुष्टि की है कि जल्द ही पुरुष लाभार्थियों से भी रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
प्रशासनिक अधिकारियों ने इस अनियमितता को केवल शुरुआत बताया है, जिसका अर्थ है कि अभी और भी बड़े घोटाले सामने आ सकते हैं। गहन जांच के बाद लगभग 57 लाख लाभार्थियों को या तो फ्लैग किया गया है या सूची से हटा दिया गया है। वर्तमान में योजना के तहत 1.57 करोड़ लाभार्थी हैं, जिसके लिए सरकार ने ₹36,000 करोड़ का बजट आवंटित किया है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने जानकारी दी है कि लाभार्थियों के लिए e-KYC सत्यापन की समय सीमा को बढ़ाकर 30 अप्रैल 2026 कर दिया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे व सुनेत्रा पवार के साथ चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया है। यह पात्र लाभार्थियों के लिए अपने रिकॉर्ड को नियमित करने का अंतिम अवसर होगा।