Maharashtra Legislative Assembly (सोर्सः सोशल मीडिया) 
मुंबई

विशेषाधिकार समिति के समक्ष पेश हुए कामरा-अंधारे, 10 मार्च को फिर होगी सुनवाई

Maharashtra Political Controversy: स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा और शिवसेना नेता सुषमा अंधारे महाराष्ट्र विधान भवन में विशेषाधिकार हनन समिति के समक्ष पेश हुए। अगली सुनवाई 10 मार्च को होगी।

आंचल लोखंडे

Maharashtra Legislative Assembly: स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा करीब एक साल बाद मंगलवार को मुंबई लौटे और महाराष्ट्र विधान भवन में विशेषाधिकार हनन समिति के समक्ष उपस्थित हुए। यह मामला महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर प्रस्तुत एक व्यंग्यात्मक गीत से जुड़ा है, जिसने राज्य की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था।

गत वर्ष, 23 मार्च 2025 को, कुणाल कामरा ने मुंबई के खार स्थित हैबिटेट स्टूडियो में अपने स्टैंडअप शो के दौरान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर एक व्यंग्यात्मक गीत प्रस्तुत किया था। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद शिवसेना कार्यकर्ताओं ने स्टूडियो में तोड़फोड़ कर दी। इस घटना के बाद भाजपा विधायक प्रवीण दरेकर ने कुणाल कामरा और शिवसेना नेत्री सुषमा अंधारे के खिलाफ विधानसभा में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव दाखिल किया था। खार पुलिस थाने में भी कामरा के खिलाफ आईपीसी की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

10 मार्च को होगी अगली सुनवाई

मंगलवार को विधान भवन में समिति के समक्ष सुनवाई होना तय था, लेकिन मूल शिकायतकर्ता प्रवीण दरेकर अनुपस्थित रहे, जिससे सुनवाई स्थगित कर दी गई। अब इस मामले की अगली सुनवाई 10 मार्च को निर्धारित की गई है। इस दौरान सुषमा अंधारे भी कामरा के साथ विधान भवन पहुंचीं।

कामरा सुरक्षित

सुनवाई के बाद मीडिया से बातचीत में कुणाल कामरा ने कहा कि वे मुंबई में पूरी तरह सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "मैंने संविधान का शर्ट पहना है क्योंकि मुझे संविधान पर पूरा भरोसा है।" जब उनसे पूछा गया कि सत्ताधारियों को उनकी बातें क्यों नहीं पचतीं, तो उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि वे सत्ता को पसंद आने वाली बातें बोलने के लिए बाध्य नहीं हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे मुंबई में दोबारा कॉमेडी शो जरूर करेंगे और 10 मार्च को अगली सुनवाई में भी उपस्थित रहेंगे।

सुषमा अंधारे का बयान

सुषमा अंधारे ने कहा कि चूंकि आज शिकायतकर्ता उपस्थित नहीं थे, इसलिए उनका बयान दर्ज नहीं हो सका। उन्होंने यह भी कहा कि वे अपने वक्तव्य पर दृढ़ हैं और संविधान के दायरे में रहकर लड़ती रहेंगी।

अखिलेश के दावे इमरान मसूद का जवाब, बोले- राहुल गांधी और BJP के बीच असली लड़ाई, बाकी सब सहयोगी

जापान दौरे पर पीयूष गोयल का मेगा निवेश मिशन, टोयोटा-SMBC समेत दिग्गज कंपनियों से भारत में निवेश पर बड़ी चर्चा

Explainer: जिनपिंग के भारत आने पर क्यों छाया सस्पेंस? पहले भी दे चुके हैं धोखा, इस बार क्या है बीजिंग का इरादा

JPSC भर्ती घोटाले का सबसे बड़ा खुलासा! 12 लाख में बिकती थीं CDPO सीटें, CID के सामने अभय तिवारी का कबूलनामा

इत्र कारोबारियों की चमकी किस्मत! रेलवे ने हटाया सालों पुराना बैन, अब देशभर में महकेगी खुशबू