Krishna Hegde Targets Karnataka Congress: शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने कर्नाटक कांग्रेस में महिला प्रतिनिधित्व और कांग्रेस नेता हरीश रावत की ओर से सभी पद छोड़ने की पेशकश को लेकर प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कांग्रेस पर महिला प्रतिनिधित्व के मामले में दोहरे रवैये का आरोप लगाया, जबकि गरबा विवाद में सभी धर्मों के लोगों की भागीदारी को सामाजिक एकता के लिए जरूरी बताया।
कर्नाटक कांग्रेस की ओर से नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति में सभी पद पुरुषों को दिए जाने पर कृष्णा हेगड़े ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कर्नाटक मंत्रिमंडल में भी कोई महिला मंत्री नहीं है और अब जिला अध्यक्षों की नियुक्ति में भी महिलाओं को प्रतिनिधित्व नहीं मिला है।
कांग्रेस का संगठन पुरुष-प्रधान है और महिलाओं को पर्याप्त स्थान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने महिला आरक्षण के मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने पहले महिला आरक्षण विधेयक को लेकर शर्तों के साथ समर्थन की बात कही थी, लेकिन अब कर्नाटक में पार्टी की नियुक्तियों से उसका कथित रुख सामने आ गया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा और एनडीए महिलाओं के लिए अधिक प्रतिनिधित्व की बात करते रहे हैं। कृष्णा हेगड़े ने कांग्रेस के महिला मोर्चे से इस मुद्दे पर आवाज उठाने की अपील की और कहा कि कांग्रेस को समर्थन देने वाली महिलाओं को भी इस स्थिति पर विचार करना चाहिए।
कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की ओर से कांग्रेस के सभी पदों से हटने की पेशकश को लेकर हेगड़े ने कहा कि रावत के पूर्व ओएसडी के घर ईडी की कार्रवाई के दौरान नकदी, घड़ियां और अन्य कीमती सामान मिलने की बात सामने आई। इसी घटनाक्रम के बाद रावत ने कथित तौर पर कांग्रेस आलाकमान से अपने पदों से इस्तीफा देने की इच्छा जताई है, ताकि किसी व्यक्ति की कार्रवाई के कारण पार्टी का नाम प्रभावित न हो।
रावत के इस्तीफे की पेशकश पर अंतिम फैसला कांग्रेस आलाकमान को करना है। संबंधित व्यक्ति के खिलाफ जांच एजेंसी अपनी कार्रवाई कर रही है और मामले में आगे की प्रक्रिया जांच के आधार पर तय होगी।