Konkan Mahayuti Political Clash: सत्तारूढ महायुति में वर्चस्व की जंग तेज हो गई है। कोंकण में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सांसद सुनील तटकरे और शिंदे सेना के नेता रामदास कदम आमने-सामने आ गए हैं। इस लड़ाई में कदम के पुत्र व गृह राज्यमंत्री योगेश कदम भी कूद पड़े हैं। उन्होंने सीधे चुनौती दी है कि अब बात खुलेगी तो बहुत दूर तक जाएगी। अब कोई बात बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कोकण इलाके में सत्तारूढ़ महायुति में अनबन बढ़ गई है।
रामदास कदम और सुनील तटकरे के बीच वर्चस्व की जंग बढ़ी है। इससे पहले कदम ने तटकरे की कड़े शब्दों में आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि 'तटकरे जहां खाते हैं वहीं थाली में छेद करते हैं।' इसके जवाब में तटकरे ने भी कदम की व्यक्तिगत आलोचना की है।
इससे दोनों नेताओं के बीच विवाद बढ़ा है। अब इस विवाद में कदम के बेटे व राज्य मंत्री योगेश कदम भी कूद पड़े हैं। उन्होंने साफ़ चेतावनी दी है कि अब कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तटकरे के बयान के बाद समझौते की कोई गुंजाइश नहीं बची है। अपने पिता का पक्ष लेते हुए राज्य मंत्री कदम ने आक्रामक रुख अपनाया है। उन्होंने साफ किया है कि यह झगड़ा अब निजी नहीं रहा बल्कि महायुति का अंदरूनी मसला बन गया है।
कुछ दिन पहले रामदास कदम ने सुनील तटकरे पर तीखा हमला बोलते हुए कहा था कि "वे जिस थाली में खाते हैं, उसी में छेद करते हैं।" इस बयान के बाद सुनील तटकरे ने भी पलटवार करते हुए रामदास कदम पर व्यक्तिगत टिप्पणी की। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक टकराव और गहरा गया।
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राज्य मंत्री योगेश कदम के अनुसार मुझे नहीं लगता कि यह विवाद अब खत्म होगा। मैं उनके बारे में कड़ा भी बोल सकता हूं लेकिन मैं गहराई में नहीं जाना चाहता। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर यह सामने आ गया कि पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में किसने किसकी मदद की तो कई लोगों की पोल खुल जाएगी।
तटकरे और कदम परिवार के बीच बढ़ते विवाद ने महायुति के भीतर समन्वय को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह बयानबाजी इसी तरह जारी रही तो कोंकण की राजनीति के साथ-साथ महायुति के भीतर भी असहज स्थिति पैदा हो सकती है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि गठबंधन नेतृत्व इस विवाद को शांत करने के लिए क्या कदम उठाता है।