परिसीमन बिल पर शरद पवार की पार्टी में मतभेद, सुप्रिया सुले और रोहित पवार के अलग-अलग सुर

Delimitation Bill 2026: केंद्र सरकार के परिसीमन बिल पर NCP शरदचंद्र पवार गुट में मतभेद। सुप्रिया सुले ने 50% सीटें बढ़ाने पर समर्थन की बात कही, तो रोहित पवार ने इसे BJP का जाल बताया।
Split stand in Sharad Pawar's NCP over the Delimitation Bill: Supriya Sule considers support on seat hike, while Rohit Pawar warns against falling into BJP's trap.
सुप्रिया सुले, रोहित पवार (सोर्स- सोशल मीडिया)
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NCP Delimitation Bill Row Supriya Sule Stand Parliament: केंद्र की मोदी सरकार के परिसीमन बिल को लेकर शरद पवार की राकां में दो-फाड़ हो गया है। एक ओर जहां पार्टी की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा है कि अगर उनकी मांगें मानी गईं तो समर्थन देने पर विचार किया जा सकता है, जबकि पार्टी के विधायक रोहित पवार ने नसीहत देते हुए कहा कि हमें बीजेपी सरकार के ट्रैप में नहीं फंसना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इस बिल को संसद में पास कराने के लिए बीजेपी सरकार विपक्ष की सहमति हासिल करने के लिए कई तरह का प्रलोभन देगी। हालांकि केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा है कि परिसीमन बिल संसद के मानसून सत्र में लाकर पास कराया जाएगा।

लोस सीटों को 50% बढ़ाने की मांग

सुप्रिया सुले ने कहा है कि हमारी पार्टी परिसीमन बिल का समर्थन करने पर विचार कर सकती है, अगर सभी राज्यों में लोकसभा सीटों की संख्या 50% बढ़ा दी जाए। हालांकि सोमवार को उनके भतीजे रोहित पवार ने एक अलग रुख अपनाया, और सभी सांसदों से बिल का विरोध करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि बीजेपी की केंद्र सरकार अपनी रणनीति के तहत परिसीमन बिल को पास कराने के लिए लोकसभा की सीटों की संख्या में 50% की बढ़ोतरी का ऑफर दे सकती थी लेकिन अगर हम नंबरों के इस जाल में फंस जाते हैं और बिल को सपोर्ट करते हैं तो इसके बाद म्युनिसिपल वार्ड की तर्ज पर लोकसभा व विधानसभा सीटों को मैनिपुलेट किया जाएगा।

राजनीतिक चर्चा तेज

परिसीमन बिल को लेकर एनसीपी (शरद पवार) के वरिष्ठ नेताओं के अलग-अलग बयानों के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। अब राजनीतिक दलों की नजर इस बात पर रहेगी कि संसद में बिल पेश होने के दौरान विपक्ष का अंतिम रुख क्या रहता है और इस मुद्दे पर दलों के भीतर बनी राय किस दिशा में जाती है।

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