Kishori Pednekar BMC Statement Controversy (फोटो क्रेडिट-X) 
मुंबई

'ये बालासाहेब के संस्कार हैं, हमने उन्हें खरीदा नहीं', किशोरी पेडनेकर के बयान से मचा हड़कंप

Kishori Pednekar BMC Statement Controversy: किशोरी पेडनेकर के 'बालासाहेब के संस्कार' वाले बयान पर मुंबई नगर निगम में हंगामा। मेयर रितु तावड़े ने मांगी माफी। सदन स्थगित।

अनिल सिंह

Shiv Sena UBT vs Shinde Group: मुंबई महानगरपालिका (BMC) के सदन में एक बार फिर राजनीतिक मर्यादाओं और विरासत की जंग खुलकर सामने आ गई है। पूर्व महापौर और शिवसेना (UBT) नेता किशोरी पेडनेकर के एक बयान ने नगर निगम के भीतर 'संस्कार बनाम सत्ता' की ऐसी बहस छेड़ दी है, जिससे सदन की कार्यवाही पूरी तरह ठप हो गई। बजट पर चर्चा के दौरान पेडनेकर ने शिंदे गुट पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि उनके पास बालासाहेब ठाकरे के मूल्य और संस्कार हैं और उन्होंने इन मूल्यों को "खरीदा" नहीं है। इस बयान को सीधे तौर पर शिंदे खेमे की बगावत और सत्ता परिवर्तन से जोड़कर देखा जा रहा है, जिस पर सत्ताधारी पार्षदों ने उग्र रुख अपना लिया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वर्तमान महापौर रितु तावड़े ने कड़ा रुख अपनाया और स्पष्ट किया कि जब तक किशोरी पेडनेकर अपने शब्दों के लिए सदन में आकर माफी नहीं मांग लेतीं, तब तक कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चलेगी। इस बयान के बाद सदन में 'बालासाहेब ठाकरे जिंदाबाद' और 'किशोरी पेडनेकर माफी मांगो' के नारों की गूंज सुनाई दी। सत्ताधारी दल के पार्षदों का आरोप है कि पेडनेकर ने न केवल एक गुट का अपमान किया है, बल्कि बालासाहेब ठाकरे के नाम का इस्तेमाल कर सदन की गरिमा को भी ठेस पहुंचाई है।

गरिमा और मर्यादा पर तकरार

विवाद उस समय शुरू हुआ जब विशाखा राउत ने महापौर की गरिमा को लेकर आपत्ति जताई और सदन के नेता गणेश खणकर ने नए सदस्यों की भावनाओं का हवाला दिया। इसी गर्मागर्मी के बीच किशोरी पेडनेकर ने "बालासाहेब के संस्कार" वाली टिप्पणी की और सदन से बाहर चली गईं। सत्ताधारी पार्षदों ने इसे "मैदान छोड़कर भागना" करार दिया और मांग की कि बिना शर्त माफी के बिना बजट पर चर्चा आगे नहीं बढ़ेगी। विपक्ष द्वारा चंदे के बंटवारे में भेदभाव के आरोपों के बीच इस नए विवाद ने आग में घी डालने का काम किया है।

मेयर रितु तावड़े का तीखा पलटवार

महापौर रितु तावड़े ने पेडनेकर के बयान को "गैरजिम्मेदाराना" और "निंदनीय" बताया। उन्होंने कहा कि बालासाहेब ठाकरे किसी एक व्यक्ति या गुट की निजी संपत्ति नहीं हैं, बल्कि वे करोड़ों लोगों के दिलों में बसते हैं। तावड़े ने सवाल किया कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन क्या इतने महान व्यक्तित्व के नाम पर "खरीद-फरोख्त" जैसी शब्दावली का इस्तेमाल करना उचित है? महापौर ने चेतावनी दी कि यह केवल एक सदस्य का नहीं, बल्कि पूरे सदन का अपमान है और विपक्षी नेताओं को भी अपनी साथी के इस व्यवहार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

बजट सत्र पर अनिश्चितता के बादल

BMC के इस महत्वपूर्ण बजट सत्र में विकास कार्यों पर चर्चा होनी थी, लेकिन अब यह वैचारिक और व्यक्तिगत हमलों की भेंट चढ़ता दिख रहा है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ती खाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आगामी चुनावों से पहले मुंबई की राजनीति में 'ठाकरे विरासत' का मुद्दा और अधिक आक्रामक होगा। फिलहाल 10 मिनट के स्थगन के बाद भी माहौल शांत नहीं हुआ है और शहर के प्रशासनिक कार्यों के बजट पर अंतिम निर्णय लटकता हुआ नजर आ रहा है।

राहुल गांधी का बड़ा आरोप, मध्य प्रदेश चुनाव 2023 से शुरू हुई थी वोट चोरी; तकनीकी टीम ने की पुष्टि!

राहुल गांधी पर बीजेपी का पलटवार! सुधांशु बोले राहुल की राजनीतिक समझ शून्य, बैशाखी के दम पर जीतते हैं चुनाव

मोदी-शाह की जांच, वोट चोरी और इंदिरा गांधी का जिक्र; राहुल गांधी ने क्या-क्या सवाल खड़े किए? 10 बड़ी बातें

ईरान की अमेरिका को खुली चेतावनी, फिर हमला हुआ तो हिंद महासागर तक पहुंचेगा युद्ध; भारत पर कितना पड़ेगा असर?

देशद्रोहियों को छोड़ा नहीं जाएगा, ज्ञानेश कुमार पर भड़के राहुल गांधी; कहा- लोकतंत्र को खत्म होते नहीं देख सकते