कपिल सिब्बल और उद्धव ठाकरे (फोटो क्रेडिट-X) 
मुंबई

'फिर चुनाव ही क्यों हों?'; उद्धव सेना में टूट पर दिग्गज वकील कपिल सिब्बल ने उठाए बड़े कानूनी सवाल

Kapil Sibal Reacts To Shiv Sena UBT Split: शिवसेना यूबीटी में टूट पर वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल का बड़ा बयान सामने आया है। बगावत को बताया असंवैधानिक, मामला अब कोर्ट में।

अनिल सिंह

Kapil Sibal On Operation Tiger Shiv Sena UBT: महाराष्ट्र में 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के 6 लोकसभा सांसदों के पाला बदलने की खबरों ने अब देश के शीर्ष कानूनी गलियारों में भी हलचल तेज कर दी है। इस महा-विभाजन पर देश के जाने-माने वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। सिब्बल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट साझा करते हुए देश की मौजूदा चुनावी और संवैधानिक व्यवस्था पर बेहद गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

उन्होंने साफ कहा कि जनता द्वारा एक निश्चित चुनाव चिह्न पर चुने जाने के बाद सांसदों का इस तरह दूसरी पार्टी में चले जाना पूरी तरह से लोकतंत्र का मखौल उड़ाना है। कपिल सिब्बल के इस कड़े स्टैंड के बाद यह साफ हो गया है कि सांसदों की अयोग्यता का यह मामला एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर बेहद आक्रामक रूप से लड़ा जाएगा।

सिब्बल ने दलबदल को बताया पूरी तरह असंवैधानिक

मौजूदा सियासी स्थिति पर कड़ा ऐतराज जताते हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने ट्वीट किया, "आखिर देश में चुनाव क्यों हों? अगर किसी मूल राजनीतिक दल का सिंबल (चुनाव चिह्न) आपको संसद में भेजता है, तो आप जीतने के बाद कैसे किसी दूसरे चुनाव चिह्न वाली पार्टी में शामिल हो सकते हैं? आप उस विरोधी पार्टी के सिंबल पर जनता द्वारा नहीं चुने गए हैं!" सिब्बल ने आगे लिखा कि संवैधानिक कानून का कोई भी बुनियादी सिद्धांत इसकी अनुमति कतई नहीं दे सकता। यह पूरा घटनाक्रम पूरी तरह से अनैतिक, गैर-कानूनी और असंवैधानिक है। अब यह पूरा मामला देश की अदालत के हवाले है।

लोकसभा में महज 3 सांसदों पर सिमटा उद्धव गुट

राजनीतिक सूत्रों और दावों के मुताबिक, लोकसभा में उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी के कुल 9 सांसदों में से 6 सांसदों ने एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ जाने का मन बना लिया है। इस बड़े झटके के बाद संसद के निचले सदन में उद्धव ठाकरे के पास अब केवल 3 वफादार सांसद ही बचे हैं। इस बीच, राजनीतिक हलकों में 7वें सांसद के रूप में नासिक से सांसद राजाभाऊ वाजे के टूटने की भी अफवाहें उड़ी थीं। हालांकि, वाजे ने तुरंत मीडिया के सामने आकर इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी अटूट आस्था केवल और केवल उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में है और वे पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं।

स्पीकर ओम बिरला से मिले संजय राउत और अनिल देसाई

इस बीच, टूट की खबरों से मचे हड़कंप के बाद डैमेज कंट्रोल और कानूनी घेराबंदी के लिए उद्धव गुट के शीर्ष नेता एक्शन में आ गए हैं। लोकसभा सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से उनके चैंबर में एक महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए संजय राउत ने बताया कि उन्होंने बागी सांसदों के खिलाफ पार्टी का रुख और कानूनी दस्तावेज स्पीकर के सामने रख दिए हैं। राउत के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें पूरा आश्वासन दिया है कि वे इस पूरे मामले में दलबदल विरोधी कानून और स्थापित नियमों के हिसाब से ही उचित कदम उठाएंगे। दूसरी तरफ, शिंदे गुट ने दावा किया है कि अभी भी ठाकरे गुट के 16 विधायक उनके संपर्क में हैं, जिससे महाराष्ट्र का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।

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