जे.जे. अस्पताल के डॉक्टरों ने खोपड़ी के नाजुक हिस्से से निकाली गोली।
इंटरनल कैरोटिड आर्टरी के पास फंसी गोली निकालना था बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य।
एडवांस्ड न्यूरोनेविगेशन और एंडोस्कोपिक तकनीक की मदद से सफल हुई हाई-रिस्क सर्जरी।
JJ Hospital Mumbai Successful Skull Base Surgery: मुंबई के सर जे.जे. अस्पताल में न्यूरोसर्जन और ईएनटी विशेषज्ञों की टीम ने खोपड़ी के बेस के बेहद जटिल और नाजुक हिस्से में फंसी लगभग 1 सेमी की गोली को सफलतापूर्वक निकाल दिया है।
यह सर्जरी न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. वर्नोन वेल्हो और ईएनटी विभाग के प्रमुख प्रोफेसर डॉ. श्रीनिवास चव्हाण के मार्गदर्शन में की गई, जिसमें न्यूरोसर्जरी विभाग के डॉ. हृषिकेश और ईएनटी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नवीन सिंह ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
यह केस सर्जरी के लिए एक बड़ी चुनौती था, क्योंकि गोली खोपड़ी के बेस में फंसी थी, जहां तक पहुंचना आसान नहीं था। दरअसल, यह गोली इंटरनल कैरोटिड आर्टरी के बेहद करीब थी, जो दिमाग तक खून पहुंचाने वाली मुख्य नसों में से एक है। छोटी गोली होने के कारण उसे ढूंढने और सुरक्षित रूप से निकालने में और ज्यादा मुश्किल थी, जिसकी वजह से यह सर्जरी तकनीकी रूप से काफी चुनौतीपूर्ण थी और इसमें बहुत सावधानी से प्लानिंग की जरूरत थी।
एडवांस्ड न्यूरोनेविगेशन टेक्नोलॉजी, सी-आर्म इमेजिंग और एंडोस्कोपिक तकनीक की मदद से ईएनटी और न्यूरोसर्जरी की संयुक्त टीम ने गोली की सही जगह का पता लगाया और उसे सफलतापूर्वक निकाल दिया। पूरी प्रक्रिया आसानी से पूरी हो गई, जो यह दिखाती है कि खोपड़ी के बेस से जुड़ी जटिल स्थितियों से निपटने में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी, सटीक सर्जिकल एक्सपर्टीज और टीम वर्क कितना जरूरी है।
मुंबई शहर के सर जे.जे. अस्पताल के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अनंतन कृष्णन और एसआर डॉ. अरुनंधी की एनेस्थीसिया टीम ने सर्जरी के दौरान सहयोग दिया था और इस ऑपरेशन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। यह उपलब्धि चुनौतीपूर्ण और हाई-रिक्स सर्जिकल मामलों को संभालने में सर जे.जे. अस्पताल की क्लिनिकल एक्सपर्टीज, टीम वर्क और तकनीकी क्षमताओं को दर्शाती है।
यह जटिल स्कल बेस सर्जरी में, खासकर दिमाग की नाजुक नसों से जुड़े मामलों में, ईएनटी और न्यूरोसर्जरी विभागों के बीच सहयोग के महत्व को भी उजागर करती है।
टीम ने सर जे.जे. अस्पताल के डीन डॉ. भंडारवार, एसोसिएट डीन डॉ. रंजीत मानकेश्वर और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. संजय सुरासे का उनके लगातार प्रोत्साहन, मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया, जिससे ईएनटी और न्यूरोसर्जरी विभागों को मजबूत बनाने और मरीजों को बेहतर इलाज देने में मदद मिली है। यह सफल सर्जरी अस्पताल की एडवांस्ड, मल्टीडिसिप्लिनरी और मरीज-केंद्रित हेल्थकेयर देने की निरंतर प्रतिबद्धता का एक उदाहरण है।
- एजेंसी इनपुट से