बीएमसी और मंत्री आशिष शेलार (सोर्स: सोशल मीडिया)
मुंबई

मुंबई में इंस्पेक्शन ऑफिसर के 89 पदों पर होगी भर्ती, मंत्री आशीष शेलार ने दिए खाली पदाें को भरने के आदेश

Inspection Officer Recruitment In BMC: मुंबई के स्कूलों में फिजिकल फैसिलिटी की जांच करने वाले इंस्पेक्शन ऑफिसर के कुल 89 पद खाली पड़े हैं। मंत्री आशीष शेलार ने खाली पदों को भरने के आदेश दिए हैं।

वेदांत जोशी

Inspection Officer Recruitment In Mumbai: मुंबई के बीएमसी, सरकारी और अनुदानित स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की निगरानी का काम फिलहाल स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा है। स्कूलों में 'फिजिकल फैसिलिटी' की जांच करने वाले इंस्पेक्शन ऑफिसर के कुल 89 पद खाली पड़े हैं। इस गंभीर मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए मुंबई उपनगर के पालक मंत्री आशीष शेलार ने प्रशासन को इन रिक्त पदों को तुरंत भरने के निर्देश दिए हैं।

समीक्षा बैठक में सामने आए आंकड़े

सोमवार को मंत्री आशिष शेलार ने मुंबई शहर और उपनगरों के सभी स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा की गुणवत्ता, छात्रों की सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समीक्षा के लिए संबंधित अधिकारियों की एक विशेष बैठक बुलाई थी। बैठक के दौरान यह तथ्य सामने आया कि जिन अधिकारियों पर स्कूलों को सुरक्षित और सुविधा संपन्न बनाए रखने की जिम्मेदारी है, उनका विभाग ही खाली पदों का सामना कर रहा है।

सेकेंडरी स्कूलों का हाल: 505 स्कूलों पर मात्र 15 अधिकारी

आधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, मुंबई मनपा क्षेत्र में राज्य सरकार की मंजूरी से कुल 505 सेकेंडरी स्कूल संचालित होते हैं। इनमें से 240 पूर्वी उपनगरों में और 265 पश्चिमी उपनगरों में स्थित हैं। इतने बड़े पैमाने पर फैले इन स्कूलों की फिजिकल सुविधाओं का निरीक्षण करने के लिए वर्तमान में केवल 15 एजुकेशन सब-इंस्पेक्टर और असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर ही मौजूद हैं, जबकि यहां 18 महत्वपूर्ण पद खाली पड़े हैं।

प्राइमरी स्कूलों में 71 पोस्ट रिक्त

प्राइमरी और निजी अनुदानित स्कूलों की स्थिति भी चिंताजनक है। बीएमसी के 1,132 प्राइमरी स्कूलों के साथ-साथ निजी अनुदानित व गैर-अनुदानित कुल 2,132 स्कूलों की जांच का जिम्मा सिर्फ 11 डिपार्टमेंटल इंस्पेक्टरों के कंधों पर है। इन स्कूलों के लिए इंस्पेक्शन ऑफिसर की 71 पोस्ट खाली हैं।

नियमानुसार, हर तीन साल में बीएमसी और राज्य सरकार के संबंधित अधिकारियों द्वारा स्कूलों में टॉयलेट, बिल्डिंग, क्लासरूम, पीने का पानी और सुरक्षा जैसी 10 अलग-अलग फिजिकल सुविधाओं का अनिवार्य रूप से निरीक्षण किया जाता है।

अधिकारियों की इस भारी कमी के कारण यह महत्वपूर्ण प्रक्रिया धीमी पड़ सकती है। पालक मंत्री के त्वरित आदेश के बाद अब उम्मीद है कि जल्द ही इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी, जिससे बच्चों के लिए एक सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित किया जा सकेगा।

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