बीएमसी कर रही भगवाकरण! मनपा छात्रों की केशव सृष्टि यात्रा पर सपा विधायक को आपत्ति, प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

Rais Shaikh BMC Objection: सपा विधायक रईस शेख ने बीएमसी के स्कूलों द्वारा भाईंदर-उत्तन स्थित केशव सृष्टि में आयोजित शैक्षणिक यात्रा पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने BMC पर भगवाकरण करने का आरोप किया।
Samajwadi Party BMC Saffronisation Allegation BMC School Educational Trip
BMC की इमारत(सोर्स: साेशल मीडिया)
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BMC Saffronisation Allegation Rais Shaikh: बृहन्मुंबई महानगरपालिका के स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की भाईंदर-उत्तन स्थित केशव सृष्टि में प्रस्तावित शैक्षणिक यात्रा को रद्द करने की मांग समाजवादी पार्टी के विधायक रईस शेख ने की है।

सपा के विधायक ने इस संबंध में बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे को पत्र लिखकर महानगरपालिका के शिक्षा क्षेत्र में कथित भगवाकरण का आरोप लगाते हुए उसे रोकने की मांग भी की है।

28 अगस्त की बैठक में ₹2.43 करोड़ का प्रस्ताव

विधायक शेख के अनुसार, बीएमसी के सभी माध्यमों के स्कूलों में कक्षा 7वीं के विद्यार्थियों के लिए पर्यावरण अध्ययन एवं प्रशिक्षण के तहत भाईंदर-उत्तन स्थित केशव सृष्टि में यात्रा आयोजित करने का प्रस्ताव 28 अगस्त की स्थायी समिति की बैठक में रखा गया है।

इस सहल पर महानगरपालिका द्वारा करीब 2 करोड़ 43 लाख रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है। शेख ने इस प्रस्ताव को तत्काल रद्द करने की मांग की है।

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आरएसएस से जुड़ी संस्था

पत्र में उन्होंने दावा किया है कि केशव सृष्टि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की स्मृति से जुड़ी संस्था है और यहां भाजपा तथा संघ के पदाधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होते हैं।

उनका आरोप है कि ऐसी संस्था में बृहन्मुंबई महानगरपालिका के विद्यार्थियों को शैक्षणिक यात्रा पर ले जाना शिक्षा के भगवाकरण को बढ़ावा देने जैसा है। शेख ने कहा कि महानगरपालिका प्रशासन भारतीय संविधान के प्रति जवाबदेह है और संविधान की मूल भावना धर्मनिरपेक्ष है।

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राम मंदिर प्रतियोगिता का जिक्र कर कसा तंज

इसलिए धार्मिक या वैचारिक उद्देश्य से जुड़ी संस्था में विद्यार्थियों की शैक्षणिक सहल आयोजित करना उचित नहीं है।

उन्होंने जनवरी 2024 में अयोध्या के राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के दौरान बीएमसी स्कूलों में भगवान श्रीराम के चरित्र पर आयोजित प्रतियोगिता का भी उल्लेख किया और कहा कि महानगरपालिका का प्रशासन किसी भी राजनीतिक दल की सत्ता में होने के बावजूद धार्मिक उद्देश्यों के लिए काम नहीं कर सकता। उन्होंने बीएमसी की धर्मनिरपेक्ष शैक्षणिक परंपरा और प्रशासनिक विरासत को बनाए रखने की मांग की है।

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