इंडिया डोमेस्टिक फ़्लाइट में कटौती (सौ. सोशल मीडिया ) 
मुंबई

घरेलू उड़ानों पर ब्रेक: जून से 250 फ्लाइटें घटाएंगी एयरलाइंस, मुंबई समेत कई शहर प्रभावित

India Domestic Flights Cut: विमानन ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच देश की प्रमुख एयरलाइंस जून से रोजाना करीब 250 घरेलू उड़ानें कम करेंगी। इसका असर मुंबई समेत कई प्रमुख रूट्स पर दिखेगा। 

अपूर्वा नायक

India Domestic Flights Cut News: विमानन ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतों और घरेलू यात्रा मांग में आई नरमी के बीच देश की तीन प्रमुख एयरलाइंस कंपनियों इंडिगो, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने जून से प्रतिदिन करीब 250 घरेलू उड़ानें कम करने का फैसला किया है।

इस निर्णय का सबसे बड़ा असर मुंबई जैसे व्यस्त विमानन केंद्रों पर पड़ने की संभावना है, जहां कई प्रमुख मार्गों पर उड़ानों की संख्या घटेगी, अगस्त तक लागू रहने वाली इस कटौती के कारण यात्रियों को सीटों की उपलब्धता में कमी, उड़ानों में बढ़ती भीड़ और हवाई किराए में संभावित बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है।

छुट्टियों और व्यावसायिक यात्राओं के चरम सीजन में एयरलाइंस का यह कदम मुंबई एयर ट्रैफिक पर ब्रेक लगाने वाला साबित हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शामिल मुंबई से संचालित कई प्रमुख घरेलू मार्ग इस फैसले से प्रभावित होंगे।

जयपुर, गोवा, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, अहमदाबाद, नागपुर, पटना और भोपाल जैसे शहरों के लिए उड़ानों की संख्या कम की जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार इंडिगो अपनी घरेलू क्षमता में 5 से 7 प्रतिशत तक की कटौती कर रही है, जिसके तहत प्रतिदिन करीब 110 उड़ानें कम की जाएंगी।

वर्तमान में एयरलाइन लगभग 2,200 उड़ानों का संचालन करती है। वहीं एयर इंडिया जून और जुलाई के दौरान अपनी घरेलू सेवाओं में करीब 22 प्रतिशत कटौती करते हुए रोजाना लगभग 110 उड़ानें कम करेगी। एयर इंडिया एक्सप्रेस भी अपनी घरेलू उड़ानों में करीब 10 प्रतिशत कमी करते हुए प्रतिदिन 30 से 35 उड़ानें घटाने जा रही है।

हवाई किराए में फिर से हो सकती है बढ़ोतरी

एयरलाइंस का कहना है कि परिचालन लागत में लगातार हो रही वृद्धि और यात्रियों की अपेक्षाकृत कमजोर मांग के कारण यह निर्णय लेना पड़ा है। विशेषज्ञों के अनुसार अगस्त तक जारी रहने वाली इस कटौती से उड़ानों में भीड़ बढ़ सकती है, सीटों की उपलब्धता घट सकती है और हवाई किराए में फिर से बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

खर्च कम करने के लिए अपनाया जा रहा रास्ता

उद्योग से जुड़े जानकारों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण विमानन ईंधन की कीमतों में तेज वृद्धि हुई है। पिछले एक महीने में एटीएफ की कीमतों में करीब 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे एयरलाइंस की परिचालन लागत पर भारी दबाव पड़ा है। ऐसे में कंपनियां खर्च कम करने के लिए उड़ानों की संख्या घटाने का रास्ता अपना रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईंधन कीमतों में राहत नहीं मिली और मांग में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले महीनों में यात्रियों को सीमित सीटों, बढ़ती भीड़ और महंगे हवाई किराए का सामना करना पड़ सकता है।

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