अभिनेता इमरान खान ने कोर्ट की फटकार के बाद माफी मांग ली है।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने लीव इंडिया नोटिस पर रोक को आगे बढ़ा दिया है।
इमरान खान ने हलफनामा देकर भी बॉम्बे हाई कोर्ट भरोसा दिलाया है।
Imran Khan Apology: OCI कार्ड से जुड़े नियमों के उल्लंघन को लेकर लीव इंडिया नोटिस का सामना कर रहे बॉलीवुड अभिनेता और आमिर खान के भांजे इमरान खान ने बॉम्बे हाई कोर्ट में बिना शर्त माफी मांगी है। मुंबई में एक राजनीतिक विरोध प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर उठे विवाद के बाद अभिनेता की ओर से उनके वकील ने अदालत में माफी पेश की।
साथ ही, इमरान खान ने हलफनामा देकर भरोसा दिलाया है कि वह भविष्य में भारत में किसी भी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लेंगे। इसके बाद हाई कोर्ट ने FRRO के 'लीव इंडिया' नोटिस पर लगी रोक को 7 दिसंबर तक बढ़ा दिया है।
बॉम्बे हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना की पीठ ने सुनवाई के दौरान अमेरिकी नागरिक व OCI कार्डधारक इमरान खान के आचरण पर भारी नाराजगी व्यक्त की। अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत के संविधान के तहत शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का मौलिक अधिकार केवल और केवल भारतीय नागरिकों को ही प्राप्त है, किसी विदेशी नागरिक या OCI कार्डधारक को नहीं।
पीठ ने यह भी कहा कि भारत की उदारता ही है कि अमेरिकी नागरिकता धारक OCI कार्डधारक को तुरंत डिपोर्ट करने के बजाय पहले नोटिस जारी कर देश छोड़ने का अवसर दिया गया। अदालत के सख्त रुख को देखते हुए इमरान खान के वकील ने तुरंत अदालत को बिना शर्त माफी और भविष्य में किसी भी प्रदर्शन में शामिल न होने का हलफनामा सौंप दिया।
हाई कोर्ट ने इमरान खान द्वारा बिना शर्त माफी मांगे जाने और भविष्य में विरोध प्रदर्शनों से दूर रहने का हलफनामा दिए जाने के बाद FRRO द्वारा जारी नोटिस पर लगी अंतरिम रोक को बढ़ा दिया है। अदालत ने इस लीव इंडिया नोटिस को अगली सुनवाई यानी 7 दिसंबर तक स्थगित करके रखा है।
यह पूरा मामला 10 अक्टूबर को तब शुरू हुआ था, जब इमरान खान को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में आयोजित एक प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। यह विरोध प्रदर्शन CJP द्वारा मतदाता सूचियों के SIR में कथित अनियमितताओं को लेकर CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के लिए आयोजित किया गया था।
एक अमेरिकी नागरिक और OCI कार्डधारक होने के नाते भारत में राजनीतिक गतिविधियों व विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने पर FRRO ने सख्त आपत्ति जताई और OCI नियमों का उल्लंघन मानते हुए इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का आदेश दिया था।
इससे पहले इमरान खान ने अदालत से गुहार लगाते हुए कहा था कि अमेरिका में बिताए दो वर्षों को छोड़ दिया जाए, तो उन्होंने अपना पूरा जीवन, परिवार, करियर और बच्चा भारत में ही बिताया है और भारत ही उनका घर है।
हालांकि, अदालत ने साफ कर दिया था कि OCI कार्डधारकों के अधिकार भारतीय नागरिकों से अलग और सीमित हैं। अदालत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि यदि वे विरोध प्रदर्शन करना चाहते हैं तो अमेरिका जाकर करें और वहां वोट भी डालें, लेकिन भारत में रहकर विरोध प्रदर्शन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अदालत के इस कड़े व स्पष्ट रुख को देखते हुए इमरान खान ने बिना शर्त माफी मांगकर कानूनी राहत पाने का रास्ता अपनाया है।