IIT Bombay Cheating Disciplinary Rule Change: आईआईटी बॉम्बे ने छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद परीक्षा के दौरान नकल या अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़े मामलों में अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया में बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया है। संस्थान ने नए नियमों का एक ड्राफ्ट तैयार किया है, जिसके तहत किसी छात्र के अनुचित साधनों का इस्तेमाल करते पकड़े जाने पर उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई नहीं की जाएगी। पहले छात्र का पक्ष सुना जाएगा और उसके बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।
आईआईटी बॉम्बे द्वारा तैयार किए गए नए नियमों के ड्राफ्ट के अनुसार, यदि कोई छात्र परीक्षा के दौरान नकल या किसी भी अनुचित साधन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ तुरंत कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी। नई प्रक्रिया के तहत सबसे पहले छात्र को अपना पक्ष रखने का औपचारिक अवसर दिया जाएगा। छात्र की दलीलें और स्थिति को सुनने के बाद ही अनुशासनात्मक समिति किसी अंतिम फैसले पर पहुंचेगी।
वर्तमान व्यवस्था में परीक्षा के दौरान अनुचित साधनों का इस्तेमाल करते पकड़े जाने पर छात्र के खिलाफ तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो जाती है, जिससे छात्रों पर अत्यधिक मानसिक दबाव बनने की शिकायतें सामने आ रही थीं। नए प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, स्पष्ट और छात्र-अनुकूल बनाना है।
साहिल वाकोडे की मौत के बाद आईआईटी बॉम्बे में परीक्षा और अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे थे। इसी पृष्ठभूमि में नियमों में बदलाव का यह प्रस्ताव सामने आया है।
बता दें कि IIT बॉम्बे के एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के दूसरे वर्ष के बी.टेक के छात्र 22 वर्षीय साहिल वाकोडे पिछले महीने मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन और चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते पकड़े गए थे। इसके कुछ ही घंटे बाद वह कैंपस स्थित छात्रावास के कमरे में मृत पाए गए थे। घटना के बाद परिसर में छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन किया था।
आईआईटी बॉम्बे फैकल्टी फोरम ने परीक्षा के इनविजिलेटर सूर्यनारायण डूला के समर्थन में बयान जारी किया था। फोरम का कहना था कि जब इनविजिलेटर को पता चला कि छात्र बिना अनुमति स्मार्टफोन लेकर परीक्षा दे रहा है और उसका इस्तेमाल कर रहा है, तो उन्होंने संस्थान के नियमों के अनुसार कार्रवाई की।
परीक्षा हॉल के सीसीटीवी फुटेज में दिखाई देता है कि इनविजिलेटर ने साहिल वाकोडे को एक तरफ बुलाया और उनसे बातचीत की। काली टी-शर्ट पहने साहिल आगे की पंक्ति में बैठे थे। बातचीत के दौरान उन्होंने अपना मोबाइल फोन इनविजिलेटर को सौंप दिया। इसके बाद दोनों के बीच कुछ देर बातचीत हुई और साहिल अपना सामान समेटकर परीक्षा हॉल से बाहर चले गए।
हालांकि, प्रदर्शन कर रहे छात्रों और साहिल वाकोडे के परिवार की ओर से आरोप लगाए गए थे कि उन्हें संस्थान में उत्पीड़न और जाति आधारित भेदभाव का सामना करना पड़ा था और इन्हीं परिस्थितियों के कारण उन्होंने आत्महत्या की। इन आरोपों को लेकर संबंधित स्तर पर जांच और विभिन्न पक्षों के दावे सामने आए हैं।