Maharashtra News: महाराष्ट्र सहित पूरे देश में गणेश महोत्सव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। बुधवार से घर-घर और मंडपों में विघ्नहर्ता गणपति बप्पा का आगमन होगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार गणेशोत्सव 27 अगस्त से शुरू होकर 6 सितंबर तक चलेगा। बप्पा के स्वागत के लिए मुंबईकरों ने अपने घरों, सोसायटियों और गली-मोहल्लों को रंग-बिरंगी सजावट से सजा दिया है।
मुंबई में गणेशोत्सव का खास उत्साह देखने को मिलता है। पिछले कई हफ्तों से ढोल-झांझ और ताशों की गूंज के बीच गणेश प्रतिमाओं का आगमन हो रहा है। इस बार भी लालबाग, परेल, चिंचपोकली और अंधेरी जैसे इलाकों में विशाल और भव्य गणपति प्रतिमाएं मुख्य आकर्षण बनी हुई हैं। लालबागचा राजा, गणेश गली के राजा, चिंतामणि और तेजुकायाचा गणपति के दर्शन के लिए हर साल की तरह इस बार भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। पूरे मुंबई में मंडपों को अलग-अलग थीम पर सजाया गया है। वहीं घर-घर में छोटे-छोटे गणपति बप्पा का आगमन हो रहा है, जिससे श्रद्धालुओं में अपार उत्साह का माहौल है।
गणेश चतुर्थी की शुरुआत 26 अगस्त की रात 1:54 बजे से होगी और 27 अगस्त को दोपहर 3:44 बजे तक रहेगी। बुधवार को यह पर्व होने से इसकी महत्ता और बढ़ गई है। मान्यता है कि इस दिन गणेशजी की स्थापना करने और विधिपूर्वक पूजन से सभी विघ्न दूर होते हैं और सुख-समृद्धि आती है।
इस बार गणेश चतुर्थी पर सर्वार्थ सिद्धि योग, इंद्र- ब्रह्म योग और लक्ष्मी-नारायण योग का संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह संयोग अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है। गणपति स्थापना के लिए बुधवार सुबह 11:05 बजे से दोपहर तक का समय अत्यंत शुभ बताया गया है। इस अवधि में स्थापना और पूजन करने से विशेष लाभ प्राप्त होगा।
गणेशोत्सव केवल धार्मिक ही नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक उत्सव भी है, जो लोगों को एकजुट करता है। इस बार भी मुंबई पूरी तरह गणेशमय हो गई है।