Mumbai News In Hindi: दीपावली में शासन-प्रशासन के कई प्रयासों के बाद भी हुई जमकर आतिशबाजी के कारण मुंबई की आबोहवा जहरीली हो गई। मुंबई में प्रदूषण का औसत स्तर 250 एक्यूआई के पार चला गया।
कई इलाकों में दूषित हवा का स्तर 300 से ज्यादा दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों ने इसे लेकर चिंता जताई है। मुंबई व उपनगरों में दिवाली के दौरान पटाखों के लिए सख्त नियम लागू किए गए हैं। प्रशासन ने व्यापारियों और आम लोगों से सरकारी नियमों का पालन करने की अपील की है।
चार दिवसीय दिवाली उत्सव के पहले दिन शनिवार को धनतेरस को भी पटाखे के कारण प्रदूषण के स्तर में वृद्धि देखी गई थी। रविवार को लक्ष्मी पूजन के दिन रात 8 बजे तक 200 के करीब एक्यूआई दर्ज किया गया, लेकिन देर रात आतिशबाजी के कारण प्रदूषण के स्तर में जबरदस्त उछाल देखा गया।
वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। शहर के निगरानी केंद्रों में 250 से ज्यादा एक्यूआई दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। 'खराब श्रेणी' का प्रदूषण हृदय और फेफड़ों की बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए हानिकारक माना जाता है। वसन संबंधी समस्याओं में वृद्धि होती है।
सीपीसी के आंकड़ों के अनुसार मुंबई की हवा में पीएम 2।5 और पीएम 10 सबसे प्रमुख प्रदूषक पाए गए। इसके बाद एनओ 2 का स्थान रहा। पीएम 2।5 का स्तर 109 और पीएम 10 का स्तर 153 दर्ज किया गया। इसी तरह कार्बन मोनो ऑक्साइड का स्तर 307 रहा। पटाखे हवा में इन प्रदूषकों को काफी बढ़ा देते हैं। पटाखों में मौजूद रसायन इनसे निकलने वाले कणों की विषाक्तता को भी बढ़ा देते हैं।
रात 9 बजे से बजे तक एक्यूआई का स्तर सबसे खराब रहा, एक्यूआई तथ सबसे खराब होता है जब हवा में सबसे ज्यादा प्रदूषण होता है। भोर में यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। एक जागरूक नागरिक होने के नाते हमें पर्व के सम्मान बनाए रखते हुए पर्यावरण संतुलन का भी ख्याल रखना चाहिए।
ऋषि अग्रवाल, पर्यावरणविद
गुणवत्ता बिगड़ने के प्रमुख कारण है। पिछले साल ती मुंबई ने दिल्ली के को पीछे छोड़ दिया था, अगर हम पहले से उपाय नहीं करते हैं तो स्थिति बिगड़ सकती है।
सुमैरा अब्दुलाली, आवाज फाउंडेशन