मुंबई कूपर अस्पताल ( pic credit; social media) 
मुंबई

कूपर अस्पताल में मरीजों की सुनवाई शुरू, शिकायतों के बाद BMC ने बढ़ाया डिस्पेंसरी का समय

Mumbai News: लगातार शिकायतों के बाद कूपर अस्पताल प्रशासन हरकत में आया। डिस्पेंसरी का समय 3 घंटे बढ़ गया है। बीएमसी ने सफाई व्यवस्था और दवाईयों के भंडारण के लिए नई व्यवस्था बनाई है।

सोनाली चावरे

Mumbai Cooper Hospital: विलेपार्ले स्थित डॉ. आरएन कूपर अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद आखिरकार बीएमसी प्रशासन हरकत में आ गया है। अब अस्पताल प्रबंधन ने कई अहम कदम उठाते हुए मरीजों को राहत देने की कवायद शुरू कर दी है।

सबसे बड़ा बदलाव डिस्पेंसरी के समय में किया गया है। अब मरीजों को लंबी कतारों में इंतजार न करना पड़े, इसके लिए डिस्पेंसरी का समय 3 घंटे बढ़ा दिया गया है। साथ ही पंजीकरण सहायकों की संख्या बढ़ाकर अब 5 खिड़कियों पर पंजीकरण की सुविधा दी जा रही है।

850 शिकायतों का निपटारा

बीएमसी प्रशासन का कहना है कि पिछले तीन हफ्तों में 850 से ज्यादा शिकायतों का निपटारा किया गया है। इसके लिए तीन सदस्यीय पर्यवेक्षक समिति बनाई गई है, जो अस्पताल में दैनिक कार्यों की निगरानी कर रही है। समिति का फोकस दवाओं की सप्लाई, सफाई व्यवस्था और कर्मचारियों की मौजूदगी पर है। इसे भी पढ़ें- BMC चुनाव: वार्ड संरचना पर 488 आपत्तियां और सुझाव, 10 से 12 सितंबर को होगी सुनवाई

दवाओं और उपकरणों की कमी नहीं होगी

कूपर अस्पताल में दवाओं और आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अब तक 350 कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। बीएमसी का दावा है कि अब किसी भी मरीज को दवा के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। इसके अलावा अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति कर दी गई है ताकि इलाज की प्रक्रिया तेज और सुगम हो सके।

सफाई और चूहों की समस्या पर काबू

अस्पताल में साफ-सफाई की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक अलग समिति बनाई गई है। यह समिति न केवल नियमित सफाई पर नजर रखेगी बल्कि अस्पताल परिसर में चूहों की समस्या से भी निपटेगी। अधिकारियों का कहना है कि अब सफाई का काम नियमित शिफ्ट में होगा और इसकी मॉनिटरिंग सीधे प्रशासन करेगा।

कामकाज पटरी पर

बीएमसी प्रशासन ने दावा किया है कि अस्पताल का कामकाज अब धीरे-धीरे अपनी पुरानी स्थिति में लौट रहा है। नई व्यवस्थाओं के लागू होने से मरीजों और उनके परिजनों को राहत मिलेगी। कूपर अस्पताल मुंबई के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में से एक है जहां रोजाना हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन की नई पहल से मरीजों की परेशानियां काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।

Women Helplines: महिला सुरक्षा के लिए सरकार की 10 सुविधाएं, हेल्पलाइन से कानूनी मदद तक; जानें कहां मिलेगी मदद

BJP नेता माधवी लता की बागलकोट में एंट्री बैन, 23 सितंबर से 23 अक्टूबर तक रोक, कानून-व्यवस्था के लिए बताया खतरा

राज ठाकरे की रैलियों में भीड़, फिर क्यों नहीं मिलते वोट? MNS चीफ ने चुनाव आयोग और BJP पर लगाए गंभीर आरोप

TMC सिंबल फ्रीज मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, चुनाव आयोग से सोमवार तक मांगा जवाब, कहा- जल्दी निपटाओ मामला

एक खून माफ होता तो ज्ञानेश कुमार को गोली मार देते... मुख्य चुनाव आयुक्त पर मुकेश सहनी का विवादित बयान