Pune HCMTR Inner Ring Road Land Acquisition: पुणे की यातायात समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में हाई कैपेसिटी मास ट्रांजिट रूट (एचसीएमटीआर-24 मीटर) और इनर रिंग रोड (65 मीटर) परियोजनाओं के भू-अधिग्रहण को अब गति देने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी कार्यालय में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी और पुणे मनपा आयुक्त ने संबंधित विभागों को जमीन हस्तांतरण की प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
सरकारी और वन भूमि के साथ रक्षा तथा रेलवे की जमीन से संबंधित प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने को कहा गया है। बैठक में जिलाधिकारी, मनपा आयुक्त, अतिरिक्त मनपा आयुक्त पवनीत कौर और ओमप्रकाश दिवटे सहित राजस्व, भूमि अभिलेख, वन विभाग, मनपा तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
एचसीएमटीआर और इनर रिंग रोड से प्रभावित राज्य सरकार के विभिन्न विभागों की जमीन, वन भूमि तथा केंद्र सरकार के रक्षा और रेलवे विभाग के अधीन आने वाली जमीन के हस्तांतरण से संबंधित सभी आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर 11 सितंबर 2026 तक राज्य सरकार को भेजने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को प्रशासनिक प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं करने और सभी विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने को कहा गया।
इनर रिंग रोड के पुणे मनपा क्षेत्र में आने वाले घायरी, वडगाव खुर्द, शिवणे, वारजे और बावधन खुर्द- इन पांच गांवों में मार्ग की अलाइनमेंट को लेकर लंबित तकनीकी और अन्य बदलावों का अध्ययन कर अगली समीक्षा बैठक से पहले इसे अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए हैं। इससे इन क्षेत्रों में भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ होने की उम्मीद है।
एचसीएमटीआर की कुल लंबाई 43 किलोमीटर है और इसमें 16 गांव शामिल हैं। परियोजना के लिए करीब 51.73 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है। इनमें से 13 गांवों में निजी भू-अधिग्रहण से संबंधित 29.75 हेक्टेयर जमीन के प्रस्ताव जिलाधिकारी कार्यालय में पहले ही जमा किए जा चुके हैं, सरकारी, वन और रक्षा विभाग की करीब 21.98 हेक्टेयर जमीन के हस्तांतरण की प्रक्रिया को भी गति दी जा रही है।
परियोजना के भू-अधिग्रहण पर लगभग 2.534.37 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इनर रिंग रोड की कुल प्रस्तावित लंबाई 83.12 किलोमीटर है। इसमें पुणे मनपा क्षेत्र के अंतर्गत 39.27 किलोमीटर का हिस्सा और 21 गांव शामिल है। इस हिस्से के लिए करीब 332 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है। 8 गांवों के भू-अधिग्रहण प्रस्ताव जमा हो चुके है तथा मूल्यांकन की प्रक्रिया पहो गई है। इसके लिए 1,500 करोड़ निधि की आवश्यकता है। इसके अलावा 5 गांवों के प्रस्ताव डीएम कार्यालय को सौंपे गए है। तीन गांवों में टीपी स्कीम के माध्यम से 38.37 हेक्टेयर जमीन सड़क के लिए उपलब्ध हो रही है।
बैठक में जिलाधिकारी और मनपा आयुक्त ने कहा कि दोनों परियोजनाएं पुणे की भविष्य की परिवहन व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इसलिए राजस्व विभाग, भूमि अभिलेख, वन विभाग और पुणे मनपा को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा।
भू-अधिग्रहण से जुड़ी सभी प्रशासनिक प्रक्रियाएं निर्धारित समय सीमा में पूरी कर नागरिकों को तेज और सुगम यातायात का विकल्प उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है। बैठक में मनपा और जिलाधिकारी कार्यालय के संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, भू-अधिग्रहण उपजिलाधिकारी, अभियंता और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।