गोपीनाथ मुंडे के कांग्रेस में जाने पर पृथ्वीराज चव्हाण का बड़ा दावा सोर्स- सोशल मीडिया
मुंबई

सोनिया गांधी की हां, पर मनमोहन सिंह ने फेर दिया पानी, जानें क्यों रुका था गोपीनाथ मुंडे का कांग्रेस में प्रवेश

Gopinath Munde Congress Entry: पृथ्वीराज चव्हाण ने दावा किया कि गोपीनाथ मुंडे कांग्रेस में शामिल होने की तैयारी में थे। सोनिया गांधी की मंजूरी के बावजूद मनमोहन सिंह के विरोध से नहीं हो सकी एंट्री।

अंकिता पटेल

Gopinath Munde Congress Entry Planl: महाराष्ट्र की राजनीति के दिग्गज नेता और भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे गोपीनाथ मुंडे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने बड़ा राजनीतिक दावा किया है। चव्हाण के मुताबिक, एक समय मुंडे कांग्रेस में शामिल होने की तैयारी में थे और इस संबंध में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल के साथ उनकी गुप्त बैठकें भी हुई थीं।

चव्हाण का दावा है कि मुंडे कांग्रेस में शामिल होने के लिए तैयार थे, लेकिन उन्होंने इसके लिए केंद्रीय मंत्री पद की शर्त रखी थी। मुंडे को आशंका थी कि यदि उन्हें मंत्री पद नहीं मिला तो नागपुर के दो प्रभावशाली नेता उनके खिलाफ सक्रिय हो सकते हैं और उनके लिए चुनाव जीतना मुश्किल हो जाएगा।

मुंडे ने कांग्रेस में आने के लिए रखी थी मंत्री पद की शर्त

पृथ्वीराज चव्हाण के अनुसार, उनके मुख्यमंत्री रहने के दौरान गोपीनाथ मुंडे और कांग्रेस के तत्कालीन वरिष्ठ रणनीतिकार अहमद पटेल के बीच इस मुद्दे पर कई बैठकें हुई थीं। इन बैठकों में मुंडे के कांग्रेस में शामिल होने और आगे की राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चा हुई थी।

चव्हाण के मुताबिक, मुंडे कांग्रेस में आने के लिए तैयार थे, लेकिन वह चाहते थे कि पार्टी में शामिल होने के बाद उन्हें केंद्रीय स्तर पर मंत्री पद दिया जाए। उनका मानना था कि मंत्री पद के बिना कांग्रेस में जाना उनके राजनीतिक भविष्य के लिए फायदेमंद नहीं होगा।

नागपुर के दो नेताओं को लेकर थी मुंडे को चिंता

चव्हाण ने दावा किया कि मुंडे की एक बड़ी चिंता नागपुर के दो नेताओं को लेकर थी। उनका कहना था कि यदि उन्हें कांग्रेस में आने के बाद उचित राजनीतिक ताकत नहीं मिली तो ये दोनों नेता उन्हें चुनाव जीतने नहीं देंगे।

हालांकि, चव्हाण ने अपने दावे में इन दोनों नेताओं के नाम सार्वजनिक रूप से नहीं बताए हैं। इसलिए इस दावे के आधार पर किसी विशेष नेता का नाम जोड़ना उचित नहीं होगा।

सोनिया गांधी ने दी थी मंजूरी, लेकिन मनमोहन सिंह के विरोध से रुकी बात

पृथ्वीराज चव्हाण के अनुसार, कांग्रेस की तत्कालीन अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मुंडे के कांग्रेस में प्रवेश को मंजूरी दे दी थी। लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इसके पक्ष में नहीं थे।

चव्हाण का दावा है कि मनमोहन सिंह इस बात के लिए तैयार नहीं थे कि विपक्ष के एक मौजूदा सांसद को कांग्रेस में शामिल कर उन्हें केंद्रीय मंत्री बनाया जाए। इसी वजह से मुंडे के कांग्रेस में शामिल होने की योजना आगे नहीं बढ़ सकी।

आज भी अफसोस है कि प्रधानमंत्री से सीधे बात नहीं की

चव्हाण ने इस पूरे घटनाक्रम को याद करते हुए यह भी कहा कि उन्हें आज तक इस बात का अफसोस है कि उन्होंने इस मुद्दे पर तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से सीधे चर्चा करने के बजाय सोनिया गांधी से संपर्क किया। उनके अनुसार, यदि उस समय प्रधानमंत्री के साथ सीधे बातचीत की जाती तो शायद इस राजनीतिक घटनाक्रम का परिणाम अलग हो सकता था।

3 जून 2014 को सड़क हादसे में हुआ था निधन

गोपीनाथ मुंडे का निधन 3 जून 2014 को दिल्ली में एक सड़क हादसे में हुआ था। वह उस समय केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री थे। महाराष्ट्र की राजनीति में मुंडे की पहचान भाजपा के एक लोकप्रिय जननेता के रूप में रही।

पृथ्वीराज चव्हाण का यह दावा ऐसे समय सामने आया है, जब महाराष्ट्र की राजनीति में पुराने राजनीतिक घटनाक्रमों और नेताओं के बीच हुए पर्दे के पीछे के संवाद फिर चर्चा में हैं। हालांकि, कांग्रेस में मुंडे के संभावित प्रवेश और इन बैठकों को लेकर चव्हाण द्वारा किए गए दावे को उनके बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

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