BJP leader Pravin Chheda Demands FIR Aagainst Prasad Vedpathak: मुंबई के घाटकोपर पूर्व स्थित कैलास एवेन्यू सोसायटी में पिछले कुछ दिनों से जारी ‘सफेद पट्टी’ का विवाद में नया मोड़ आ गया है। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर प्रसाद वेदपाठक ने इस मुद्दे को उठाया था। मध्यस्थता के बाद यह विवाद खत्म हो गया था लेकिन वेदपाठक के सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर अब कानूनी लड़ाई छिड़ गई है।
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के घाटकोपर पूर्व स्थित कैलास एवेन्यू सोसायटी में जैन मुनियों की सुविधा के लिए सड़क पर बनाई गई सफेद पट्टी को लेकर इन्फ्लुएंसर प्रसाद वेदपाठक ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाए थे। सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा से जुड़ी इस व्यवस्था को वेदपाठक ने सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की। उन्होंने इसे ‘जैन जिहाद’ बताया, जिसके बाद जैन समुदाय ही नहीं बल्कि दूसरे लोगों ने भी इस पर आपत्ति जताई और विरोध किया।
मुंबई में इन्फ्लुएंसर वेदपाठक द्वारा कथित रूप से "जैन जिहाद" शब्द के इस्तेमाल पर विवाद अब बढ़ गया है। BJP पार्षद प्रवीण छेड़ा ने मुंबई पुलिस से प्रसाद वेदपाठक के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने मुंबई पुलिस से मिलकर वेदपाठक के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पार्षद छेड़ा ने कहा कि वेदपाठक द्वारा जैन जिहाद जैसे भड़काऊ और विवादित शब्द के प्रयोग का हम विरोध करते हैं।
BJP पार्षद प्रवीण छेड़ा ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर प्रसाद वेदपाठक ने सफेद पट्टी का मुद्दा उठाकर मुंबई और पूरे महाराष्ट्र में अपनी लोकप्रियता बढ़ाने की कोशिश की। वह सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और चैनल के माध्यम से पैसे कमाते है। छेड़ा ने वेदपाठक लगाते हुए कहा कि उनने अपने फायदे के दो धर्मां के बीच में विवाद पैदा करने का काम किया है।
मुंबई के भाजपा पार्षद प्रवीण छेड़ा ने कहा कि जैन धर्म में केवल गुजराती ही नहीं बल्कि मराठी और सिख लोग भी जैन धर्म को मानते है। उन्होंने वेदपाठक पर हिंदू धर्म के विरोध में काम करने का आरोप लगाया। छेड़ा ने कहा कि वेदपाठक कुरान को मानता है, वह भगवान गणेश को नहीं मानता। कल को गणपति पंडालों को भी विरोध करेगा। जो व्यक्ति हिंदू समाज को कैंसर कहता है उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
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प्रवीण छेड़ा ने कहा कि यह केवल एक सोसायटी का विवाद था। इसे धार्मिक रंग देने की जरूरत नहीं थी। उन्होंने बताया कि सफेट पट्टियां खींचने का उद्देश्य केवल जैन मुनियों को पैदल चलते समय तकलीफ न हो इसके लिए किया जाता है। गर्मियों के दौरान कुछ इलाकों में सफेद पट्टियां बनाई जाती हैं। इसका उद्देश्य मॉनसून के दौरान काई (शैवाल) को पनपने से रोकना और छोटे जीव आसानी से दिखाई दें, ताकि वे पैरों के नीचे कुचले न जाएं। ये पट्टियां स्थायी नहीं होतीं।
BJP नेता ने बताया कि शेगांव, नासिक, तिरुपति के मंदिरों में भी सफेद पट्टियां बनाई जाती है। जिससे भक्तों को चलने में आसानी होती है और धूप कम लगती है।