Maharashtra Hazardous Chemical Transport: राज्य सरकार ने महामार्गों पर सुरक्षा बढ़ाने के मद्देनज़र ज्वलनशील और घातक रसायनों के परिवहन के लिए नई मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) तैयार करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को विधानसभा में यह जानकारी देते हुए कहा कि भविष्य में हाईवे पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए परिवहन कंपनियों और संबंधित एजेंसियों को सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल अपनाना अनिवार्य किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि 3 फरवरी 2026 को मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर प्रोपिलीन गैस से भरे टैंकर के पलटने के बाद 36 घंटे तक भीषण जाम लगा रहा। इस गंभीर स्थिति पर विधानसभा में चर्चा के दौरान सीएम जवाब दे रहे थे। इस दौरान विधायक जयंत पाटील और आदित्य ठाकरे ने भी सुरक्षा तैयारियों को लेकर सवाल उठाए। फडणवीस ने बताया कि आपात स्थिति में त्वरित बचाव कार्य के लिए प्रशिक्षित रेस्क्यू सिस्टम और आधुनिक उपकरण तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्र सरकार और संबंधित कंपनियों को भी एसओपी तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
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सीएम ने कहा कि एक्सप्रेसवे पर स्थापित इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के माध्यम से दुर्घटना की सूचना यात्रियों तक तुरंत पहुंचाई जाएगी, जिससे ट्रैफिक डायवर्जन प्रभावी ढंग से किया जा सके। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गंभीर हादसों में टैंकरों को एयरलिफ्ट करने जैसे विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। हालांकि रात में हेलीकॉप्टर उड़ान की सीमाओं के कारण तकनीकी चुनौतियां हैं, लेकिन सरकार वैकल्पिक व्यवस्था पर काम कर रही है।
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इस बीच परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि जाम के दौरान वसूले गए टोल शुल्क वाहन मालिकों को लौटाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही आपातकालीन यातायात प्रबंधन और यात्रियों के सुरक्षित निकास की योजना तैयार करने के लिए सी.पी. जोशी की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति गठित की गई है। सरकार का लक्ष्य भविष्य में ऐसी घटनाओं के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए यातायात प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाना है।