गैंगस्टर छोटा राजन, फोटो- सोशल मीडिया 
मुंबई

गैंगस्टर छोटा राजन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, जया शेट्टी मर्डर केस में जमानत रद्द

Supreme Court ने व्यवसायी जया शेट्टी की हत्या के मामले में गैंगस्टर छोटा राजन को दी गई जमानत को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को पलटते हुए कहा कि यह मामला सजा निलंबन योग्य नहीं है।

प्रतीक पाण्डेय

Gangster Chhota Rajan: जया शेट्टी हत्या मामले में जमानत के साफ इनकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि 27 साल तक फरार रहे और चार मामलों में दोषी व्यक्ति को राहत नहीं दी जा सकती। अब छोटा राजन को जेल में ही समय काटना होगा।

साल 2001 में दक्षिण मुंबई स्थित गोल्डन क्राउन होटल के मालिक जया शेट्टी को छोटा राजन के गिरोह की ओर से 50 हजार रुपये की रंगदारी देने का दबाव डाला गया था। उन्होंने पैसे देने से इनकार कर दिया। घटना से दो महीने पहले ही उनकी पुलिस सुरक्षा हटा ली गई थी। 4 मई 2001 को दो हमलावरों ने होटल के बाहर उन्हें गोली मारकर हत्या कर दी थी।

27 साल तक फरार रहा छोटा राजन

हत्या के बाद छोटा राजन करीब 27 साल तक फरार रहा। इस दौरान भारत में उसके खिलाफ हत्या, जबरन वसूली और माफिया गतिविधियों के कई मामले दर्ज हुए। 2015 में इंडोनेशिया के बाली से उसकी गिरफ्तारी हुई और उसे भारत प्रत्यर्पित किया गया। इसके बाद सभी मामलों की जांच सीबीआई को सौंपी गई।

72 मामलों में जांच, 4 में दोष सिद्ध

सीबीआई के मुताबिक छोटा राजन पर 72 मामले दर्ज थे, जिनमें से 48 में पर्याप्त सबूत नहीं मिले। हालांकि चार मामलों में अदालत ने उसे दोषी ठहराया। मई 2024 में मुंबई की एक विशेष मकोका अदालत ने जया शेट्टी हत्याकांड में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

हाईकोर्ट से मिली थी अस्थायी जमानत

जुलाई 2024 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने छोटा राजन को उसकी अपील पर सुनवाई करते हुए अस्थायी जमानत दे दी थी। इसके खिलाफ सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि चार मामलों में दोषसिद्धि और 27 साल की फरारी को देखते हुए छोटा राजन को सजा में राहत नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने कहा कि इस प्रकार के अपराधियों को न्यायिक व्यवस्था में कोई रियायत नहीं दी जानी चाहिए।

अब जेल में ही काटनी होगी सजा

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद छोटा राजन को अब अपनी उम्रकैद की सजा पूरी तरह से जेल में ही काटनी होगी। अदालत ने साफ किया कि यह मामला किसी भी तरह से सजा निलंबन या जमानत का पात्र नहीं है।

BSP के ब्राह्मण चेहरे हुए बेगाने, 2027 में मायावती कैसे साधेंगी दलित-ब्राह्मण समीकरण?

हसीना को सौंपो, तभी आएंगे भारत! तारिक रहमान के भारत दौरे पर बांग्लादेश ने रखी शर्त, अगले महीने BRICS की बैठक

Africa Delivery Apps: अफ्रीका के होम डिलीवरी ऐप्स IND के स्टार्टअप्स से सीख सकते हैं डिलीवरी का तरीका: रिपोर्ट

Vande Mataram Row: सोनिया गांधी की बढ़ीं मुश्किलें! BJP नेता ने दर्ज कराई शिकायत, हाईकोर्ट जाने की दी चेतावनी

तिरंगे का सफर: एक झंडा, 120 साल की कहानी, 1906 से 1947 तक ऐसे बदला भारत का राष्ट्रीय ध्वज...