Ganesh Naik Marathi Language Auto License: ठाणे में ऑटो रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य करने के मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस मुद्दे पर राज्य के वनमंत्री गणेश नाईक ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
नाईक ने परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के बयान पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि मराठी भाषा का सम्मान होना चाहिए, लेकिन इसे लागू करने के लिए लोगों को समय देना जरूरी है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य में मराठी भाषा को अनिवार्य करना सही दिशा में कदम हो सकता है, लेकिन अचानक इसे लागू करना व्यावहारिक नहीं है। बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों को भाषा सीखने का अवसर मिलना चाहिए।
गणेश नाईक इन दिनों जनता दरबार के माध्यम से लोगों से जुड़ने और राजनीतिक आधार मजबूत करने में जुटे हैं। इसी दौरान उन्होंने यह मुद्दा उठाकर एक संतुलित रुख पेश करने की कोशिश की है।
नाईक(Ganesh Naik) ने ठाणे की जल समस्या पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे के समाधान के लिए कालू डैम और शाई डैम परियोजनाओं को लेकर जल संसाधन मंत्री से जल्द चर्चा की जाएगी।
इस पूरे बयान से यह साफ है कि नाईक भाषा के मुद्दे पर संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। एक ओर वे मराठी को बढ़ावा देने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इसे लागू करने में व्यवहारिकता पर भी जोर दे रहे हैं।