World Largest Cruise Freedom Ship Project: कल्पना कीजिए एक ऐसे तैरते हुए महानगर की, जिसमें आपके घर, स्कूल, सुपरमार्केट, अत्याधुनिक अस्पताल, पार्क और यहां तक कि एक पर्सनल एयरपोर्ट भी हो। यह कोई साइंस-फिक्शन फिल्म की कहानी नहीं, बल्कि समुद्र की लहरों पर हकीकत बनने जा रहा एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है, जिसका नाम है 'फ्रीडम शिप'।
इस मेगा प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये (12 अरब पाउंड) है। मूल रूप से 1990 के दशक के आखिर में इंजीनियर नॉर्मन निक्सन द्वारा सोची गई इस अवधारणा को अब फ्रीडम क्रूज लाइन इंटरनेशनल के सीईओ रोजर गूच के नेतृत्व में एक नया जीवन मिला है। अगर यह प्रोजेक्ट साकार होता है तो यह मानव इतिहास का सबसे अनोखा अजूबा होगा।
फ्रीडम शिप हर 2 से 3 साल में दुनिया का एक पूरा चक्कर पूरा करेगा और अपना ज्यादातर समय अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में बिताएगा। अपने विशालकाय आकार के कारण यह किसी भी बंदरगाह या तट तक नहीं आ सकेगा। ऐसे में यात्रियों तथा निवासियों को शटल जहाजों के जरिए जमीन तक या जमीन से शीप तक पहुंचाया जाएगा। अगर यह प्रोजेक्ट कभी सच हो पाया, तो इसके सामने 'रॉयल कैरिबियन' का 'आइकन ऑफ द सीज' भी बौना नजर आएगा। यह फिलहाल दुनिया का सबसे बड़ा क्रूज शिप है।
इस तैरते शहर यानी फ्रीडम शिप का इंफ्रास्ट्रक्चर किसी भी ग्लोबल मेट्रो सिटी से कम नहीं होगा। प्रोजेक्ट के ब्लूप्रिंट के अनुसार, इस जहाज पर अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी।
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यह प्रोजेक्ट सुनने में जितना रोमांचक लगता है, इसे बनाने में उतनी ही बड़ी चुनौतियां हैं। इस प्रोजेक्ट को इंजीनियरिंग और अकूत पैसों से जुड़ी बहुत बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। एक तैरता शहर बनाने के लिए निर्माण शुरू होने से पहले ही अरबों डॉलर के निवेश की जरूरत पड़ेगी। फिर इतने बड़े जहाज को चलाने के लिए न्यूक्लियर प्रोपल्शन ही इसका एकमात्र व्यावहारिक और लंबे समय तक चलने वाला समाधान हो सकता है।