FDA Maharashtra Festive Season Crackdown Mumbai: त्योहारों के सीजन को देखते हुए महाराष्ट्र अन्न व औषध प्रशासन (एफडीए) ने मिलावट और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कड़ा रुख अपना लिया है।
राज्यभर में चलाए गए विशेष अभियान के तहत मुंबई में बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 प्रमुख प्रतिष्ठानों के लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाणपत्र तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं।
पांच विभागों में 18 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई और करीब 10,836.65 किलो/लीटर खाद्य सामग्री जब्त की गई। इस जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 30.82 लाख रुपये है।
एफडीए को जांच के दौरान बृहन्मुंबई विभाग के पांच प्रतिष्ठानों में गंभीर अनियमितताएं मिलीं। मालाड पूर्व में स्थित गुरुकृपा डेयरी में रिफाइंड सूरजमुखी तेल, वनस्पति और ब्रांडेड घी को मिलाकर मिलावटी सफेद व पीला घी तैयार किया जा रहा था। 'पूजा तूप' नाम से भ्रामक लेबल लगाकर इसे बेचा जा रहा था।
मौके पर चूहे और तिलचट्टे भी पाए गए। एफडीए ने यहां से 2,464.05 किलो सामग्री, दो बॉयलर तथा एक खोया मशीन समेत करीब 15.15 लाख रुपये का माल और मशीनें जब्त कीं। इसी तरह, गुरफान सिख कॉर्नर (वर्सोवा) पर भी छापा मारा गया।
यह प्रतिष्ठान बिना किसी वैध खाद्य लाइसेंस के चलाया जा रहा था। इसके अलावा पानी की गुणवत्ता, कीट नियंत्रण, उपकरणों की स्वच्छता और कर्मचारियों की मेडिकल जांच जैसी बुनियादी कमियां मिलने पर इसका कारोबार तुरंत बंद करने का आदेश दिया गया।
एफडीए अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा, त्योहारी सीजन के मद्देनजर मुंबई शहर और आसपास के इलाको में इस तरह की औचक निरीक्षण और सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री मिल सके।
महालक्ष्मी स्थित बीजेआरएस गैलॉप्स रेस्टोरेंट में भी गंभीर लापरवाही सामने आई। यहां फ्रिज में रखे बर्फ पर मांसाहारी पदार्थों के खून के धब्बे, रसोई में जीवित तिलचट्टे और चीटियां पाई गईं।
इसी तरह बांद्रा पश्चिम के ड्रीमर हॉस्पिटैलिटी और मिरारी प्रतिष्ठान में भी साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों का भारी उल्लंघन मिला।