तुकाराम मुंढे एफडीए महाराष्ट्र आयुक्त  सोर्स- सोशल मीडिया
मुंबई

FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे का कड़ा संदेश, बोले- फाइव स्टार होटल हो या सरकारी कैंटीन, कानून सबके लिए बराबर

Tukaram Mundhe FDA Action: एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने कहा कि 5-स्टार होटल हो या सरकारी कैंटीन, नियम सब पर समान लागू हैं। आंगनवाड़ियों और स्कूलों के मिड-डे मील की भी जांच के आदेश दिए गए हैं।

रूपम सिंह

Tukaram Mundhe FDA Maharashtra Commissioner: महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने साफ तौर से कहा है कि फाइव स्टार होटल हो फिर किसी सरकारी संस्थान का कैंटीन, वे एक्शन लेने के मामले में कोई भी दोहरा मापदंड नहीं अपनाते हैं। उन्होंने कड़क फरमान जारी करते हुए कहा कि कानून सभी के लिए बराबर है और वे इसके हिसाब से ही कार्रवाई करते हैं। मुंढे, बुधवार को मुंबई प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस से मिलिए कार्यक्रम के तहत बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जहां मैंने फाइव स्टार होटलों पर एक्शन लिया, वहीं मैंने मंत्रालय के अलावा हाई कोर्ट के कैंटीन की भी जांच करवाई।

देश में 2011 से खुले खाद्य तेल की बिक्री पर रोक

फाइव-स्टार या जानी-मानी जगहों को कोई खास ट्रीटमेंट मिलता है या नहीं। उन्होंने साफ किया कि एफडीए का एनफोर्समेंट किसी जगह के स्टेटस पर आधारित नहीं है। हम यह नहीं देखते हैं कि यह फाइव-स्टार है या कोई सरकारी संस्थान का कैंटीन, हमने सभी जगहों पर कार्रवाई की है। हम किसी को नहीं छोड़ रहे हैं। हमारी कार्रवाई पूरी तरह से ट्रांसपेरेंट हैं। मुंढ़े ने यह भी बताया कि देश में 2011 से खुले खाद्य तेल की बिक्री पर रोक लगी हुई है और इस नियम को लागू करने के लिए उनके विभाग ने जो कार्रवाई की है, उसका मकसद किसी खास समुदाय को निशाना बनाना नहीं है।

उन्होंने कहा कि मंगलवार को एफडीए का एक बयान जारी किया गया था जिसमें साफ किया गया था कि यह रोक कई साल से लागू है, लेकिन उस बयान को वापस ले लिया गया क्योंकि विभाग राज्य सरकार के नये दिशा निर्देश का इंतजार कर रहा था। खुले तेल की बिक्री के खिलाफ कार्रवाई का मकसद मिलावट रोकना है।

महाराष्ट्र में पहले भी एक मामला सामने आया था जिसमें तेल के एक नमूने में आर्सेनिक मिला था। इससे पहले सोमवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि एफडीए से कहा जाएगा कि वह खाद्य तेल में मिलावट रोकने के लिए मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाए, ताकि पारंपरिक तेल व्यापारियों और छोटे खुदरा कारोबारियों का कारोबार प्रभावित न हो।

फेस्टिवल सीजन में मिठाइयों पर नजर

तुकाराम मुंढे ने कहा कि एफडीए आने वाले त्योहारों के मौसम में फूड सेफ्टी पक्का करने के लिए एक सिस्टम बना रहा है, साथ ही उन्होंने लोगों से ज्यादा फैट, नमकीन और मीठे (एफएफएसएस प्रोडक्ट्स के ज्यादा इस्तेमाल से बचने की अपील की।

उन्होंने कहा कि त्योहारों के मौसम से पहले, उसके दौरान और बाद में एक्शन के लिए अलग-अलग स्टेज तय किए हैं और इन उपायों की डिटेल ऑर्डर एक या दो दिन में जारी कर दिया जाएगा।

16,000 से ज्यादा शिकायतें

एफडीए कमिश्नर ने बताया कि पिछले तीन महीनों में फूड सेफ्टी से जुड़ी उन्हें 16000 से ज्यादा शिकायतें मिली हैं। उन्होंने बताया कि डिपार्टमेंट को कई चैनलों से शिकायतें मिलती है। जिसमें टोल-फ्री नंबर, ईमेल और ऑनलाइन शिकायत शामिल है। इन शिकायतों का एनालिसिस करके उल्लंघन की पहचान की जाती है और इंस्पेक्शन और कार्रवाई को प्राथमिकता दी जाती है।

मिड डे मील पर नजर

आंगनवाड़ी भी अब एफडीए के रडार पर है। उन्होंने यहां बच्चों को मिलने वाले मिड-डे मील पर अपना फोकस कर लिया है। पूरे महाराष्ट्र में आंगनबाड़ी और स्कूल फीडिंग सिस्टम की जांच के ऑर्डर दिए गए हैं। कई जगहों पर यह बात सामने आई थी कि स्टूडेंट्स को घटिया खाना दिया जा रहा था। इस नए ऑर्डर से उन लोगों में डर पैदा होगा जो स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले खाने के साथ गड़बड़ी कर रहे हैं।

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