NESCO Concert Drugs Case: मुंबई के गोरेगांव स्थित नेस्को (NESCO) सेंटर में आयोजित एक म्यूजिक कॉन्सर्ट के दौरान दो एमबीए छात्रों की संदिग्ध मौत ने शहर में ड्रग्स के बढ़ते जाल को उजागर कर दिया है। इस मामले में मुंबई पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल (ANC) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने कल्याण के टिटवाला इलाके से 34 वर्षीय अश्विनी पॉल को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर शहर की हाई-प्रोफाइल पार्टियों में नशीले पदार्थों की आपूर्ति करती थी। तलाशी के दौरान उसके पास से लगभग 5,030 एमडीएमए (MDMA) गोलियां बरामद की गई हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 6 करोड़ रुपये आंकी गई है।
जांच में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया है कि अश्विनी के पास से मिली गोलियों पर 'मर्सिडीज' और 'ऑडी' जैसे लक्जरी कार ब्रांड्स के लोगो बने हुए थे। पुलिस के अनुसार, नेस्को कॉन्सर्ट में जिन छात्रों की ओवरडोज से मौत हुई थी, उनके शरीर में भी इसी तरह के लोगो वाली 'एक्स्टसी' गोलियों के अंश मिले थे। इससे यह संदेह गहरा गया है कि छात्रों तक पहुँची मौत की खुराक का स्रोत अश्विनी पॉल ही थी।
आरोपी अश्विनी पॉल मूल रूप से पुणे की रहने वाली है और उसने केवल 10वीं तक पढ़ाई की है। साल 2012 में मुंबई आने के बाद उसने बार डांसर के रूप में काम करना शुरू किया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अश्विनी की दो बार शादी हो चुकी है और उसका एक पूर्व पति आपराधिक गतिविधियों में लिप्त था। धीरे-धीरे उसने ड्रग पेडलिंग की दुनिया में कदम रखा। वह पुलिस की नजरों से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना और सिम कार्ड बदलती रहती थी। टिटवाला के एक आलीशान अपार्टमेंट 'पद्मावती रॉयल' में वह महज दो महीने पहले ही रहने आई थी।
एएनसी की घाटकोपर इकाई ने इस ऑपरेशन को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया। पुलिस सबसे पहले कैब ड्राइवर इरफान अंसारी और ऑटो ड्राइवर सूफियान शेख तक पहुँची। पूछताछ में पता चला कि ये दोनों अश्विनी के नियमित संपर्क में थे और शहर के विभिन्न हिस्सों में ड्रग्स पहुंचाने का काम करते थे। इरफान के पास से पहले ही 200 गोलियां बरामद की जा चुकी थीं। तीन दिनों तक तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डेटा रिकॉर्ड का विश्लेषण करने के बाद पुलिस अश्विनी के टिटवाला स्थित ठिकाने तक पहुँचने में सफल रही।
11 अप्रैल को हुई दो होनहार छात्रों की मौत के बाद मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती ने नार्कोटिक्स सेल को शहर से ड्रग्स का सफाया करने के सख्त निर्देश दिए थे। संयुक्त पुलिस आयुक्त लखमी गौतम के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा यह विशेष अभियान अब उन मुख्य आपूर्तिकर्ताओं तक पहुँचने की कोशिश कर रहा है, जो अश्विनी जैसे पेडलर्स को थोक में माल सप्लाई करते हैं। पुलिस को अंदेशा है कि इस रैकेट के तार अन्य राज्यों और संभवतः अंतरराष्ट्रीय तस्करों से भी जुड़े हो सकते हैं।