Emraan Hashmi Ashok Kharat Maharashtra: नासिक समेत पूरे महाराष्ट्र में 'कैप्टन' के नाम से मशहूर तथाकथित ढोंगी बाबा अशोक खरात ने दैवीय शक्तियों का झूठा दावा कर सालों तक हजारों भक्तों को चूना लगाया। उसने चमत्कारी अंगूठियां और अन्य चीजें बेचकर लोगों से लाखों रुपये लूटे, गाड़ियां और विदेश यात्राएं हासिल कीं। सबसे खौफनाक सच तब सामने आया जब खुलासा हुआ कि इस पाखंडी ने 150 से अधिक महिलाओं का शारीरिक और मानसिक शोषण किया और उनके आपत्तिजनक वीडियो भी बनाए। वर्तमान में यह आरोपी जेल में बंद है और पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है।
इस पूरे घटनाक्रम को अब निर्देशक स्वरूप सावंत फिल्मी पर्दे पर उतारने जा रहे हैं। फिल्म का नाम हॉलीवुड की कुख्यात घटना से प्रेरित होकर 'महाराष्ट्र एपस्टीन फाइल्स' रखा गया है। फिल्म के जरिए यह दिखाया जाएगा कि कैसे एक ढोंगी ने धर्म और आस्था की आड़ में इतना बड़ा साम्राज्य खड़ा किया और महिलाओं को अपनी हवस का शिकार बनाया।
फिल्म की घोषणा के बाद से ही हर कोई यह जानने के लिए बेहद उत्सुक था कि पर्दे पर इस घिनौने विलेन का किरदार कौन सा बॉलीवुड अभिनेता निभाएगा। फिल्म से जुड़े सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, निर्देशक स्वरूप सावंत ने इस चुनौतीपूर्ण और डार्क किरदार के लिए इमरान हाशमी से संपर्क किया है और उन्हें स्क्रिप्ट बेहद पसंद आई है। हालांकि, अभिनेता इमरान हाशमी की तरफ से इस रोल को स्वीकार करने या फिल्म का हिस्सा बनने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान या पुष्टि सामने नहीं आई है।
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इस फिल्म का एक और सबसे बड़ा आकर्षण मराठी अभिनेत्री दीपाली सैयद की कास्टिंग है। दीपाली सैयद ने स्वयं मीडिया के सामने इस बात की पुष्टि की है कि वे इस फिल्म में एनसीपी नेता रूपाली चाकणकर की भूमिका निभाने जा रही हैं। उन्होंने साफ किया कि यह फिल्म समाज में फैले पाखंड और अंधविश्वास पर एक करारा प्रहार होगी। हालांकि, राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील इस किरदार को स्वीकार करने के बाद दीपाली सैयद को कुछ अज्ञात गुटों द्वारा गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही हैं।
इस फिल्म को लेकर महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में भी तनाव का माहौल है, क्योंकि अशोक खरात मामले के तार कई बड़े राजनेताओं और रसूखदार लोगों से जुड़े होने के आरोप लगते रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2 अक्टूबर को फिल्म के रिलीज होते ही राज्य में एक नया विवाद खड़ा हो सकता है। निर्देशक स्वरूप सावंत का कहना है कि वे बिना किसी डर के इस सच्चाई को दुनिया के सामने लाएंगे ताकि भविष्य में कोई भी ढोंगी बाबा आस्था के नाम पर मां-बहनों की अस्मत के साथ खिलवाड़ न कर सके।