उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (सोर्स: सोशल मीडिया) 
मुंबई

Mumbai: सीएम बनने की अटकलों पर शिंदे का जवाब, बोले-कुर्सी नहीं जनता जरूरी

Maharashtra Politics: मुख्यमंत्री बदलने की भविष्यवाणियों पर डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने स्पष्ट कहा कि उनका एजेंडा सत्ता नहीं, बल्कि आम आदमी है और वे अटकलों से दूर जनसेवा पर केंद्रित हैं।

अपूर्वा नायक

Mumbai News In Hindi: महाराष्ट्र की राजनीति में मुख्यमंत्री बदलने की भविष्यवाणियों के बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपनी चुप्पी तोड़ी है।

विधान परिषद में भविष्यवाणियों और दावों पर पलटवार करते हुए शिंदे ने स्पष्ट किया कि उनकी राजनीति सत्ता के लिए नहीं, बल्कि आम आदमी के लिए है।

डीसीएम शिंदे ने मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही तमाम अटकलों और भविष्यवाणियों को दरकिनार करते हुए कहा है कि उनका एजेंडा रकुर्सी नहीं, बल्कि। आम जनतार है। उन्होंने कहा, मैं सोने का चम्मच लेकर पैदा नहीं। हुआ, लेकिन लोगों के लिए सुनहरे दिन जरूर लाऊंगा। मेरे लिए मुख्यमंत्री का पद महत्वपूर्ण नहीं है।

क्या है इस विवाद का पूरा माजरा ?

शिंदे ने यह बयान तब दिया, जब शरद पवार की राका के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक शशिकांत शिंदे ने सदन में पृथ्वीराज वव्हाण और प्रकाश आंबेडकर के बयानों का हवाला देते हुए डीसीएम शिंदे से पूछ लिया कि क्या 19 दिसंबर को राज्य में सचमुच बदलाव होगा और वे फिर मुख्यमंत्री बनेंगे?

जवाब में शिंदे ने न केवल अपनी प्राथमिकता स्पष्ट की, बल्कि राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोगों की जलन पद को लेकर नहीं, बल्कि व्यक्तिगत तौर पर उनसे है। इसलिए उन्हें बार बार निशाना बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रहने के दौरान भी मुझे गैर-संवैधानिक कहा जाता था और अब उप मुख्यमंत्री रहने के दौरान भी असंवैधानिक कहा जा रहा है।

दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण का दावा है कि 19 दिसंबर को केंद्र में बड़ा राजनीतिक भूकंप आएगा और एक मराठी व्यक्त्ति प्रधानमंत्री बन सकता है। उन्होंने कुछ दिन पहले भी यही भविष्यवाणी की थी।

इसी कड़ी में वंचित बहुजन आघाडी के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने एक और भविष्यवाणी करते हुए दावा किया है कि एकनाथ शिंदे आने वाले एक-दो महीनों में फिर से राज्य के मुख्यमंत्री बन सकते है। आंबेडकर ने कहा था कि शिंदे ने अपनी राजनीतिक कुशलता से बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व खासकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को प्रभावित किया है। लेकिन उपमुख्यमंत्री शिंदे ने इन सभी अटकलों पर सीधे तौर पर विराम लगाते हुए सरकार के 'जन-केंद्रित' एजेंडे पर जोर दिया है।

बीजेपी के मीडिया विभाग प्रमुख नवनाथ बन ने कहा कि प्रकाश आंबेडकर के बयान में कोई दम नहीं है। यह पहले भी इसी तरह की आधारहीन भविष्यवाणी करते रहे है। इसीलिए अभी तक उनका कोई दावा सच नहीं हुआ और इस बार भी नहीं होगा।

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