Eknath Shinde Hospitalized Working: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद शुक्रवार को उन्हें ठाणे के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शिंदे वर्तमान में विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम की कड़ी देखरेख में हैं और उनकी हालत पूरी तरह स्थिर बताई जा रही है।
शिवसेना के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों से अत्यधिक शारीरिक परिश्रम और काम के भारी दबाव के कारण उन्हें तेज बुखार और कमजोरी की शिकायत हुई थी। इस बीच, मुंबई और राज्य के अन्य हिस्सों में जारी आफत की बारिश के बीच, अस्पताल के बेड से काम करते हुए डिप्टी सीएम की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आई हैं, जिसने सभी का ध्यान खींचा है।
अस्पताल से सामने आई तस्वीरों में एकनाथ शिंदे बेड पर बैठे नजर आ रहे हैं। उनके हाथ में चिकित्सा सुई (वीगो) लगी हुई है और बगल में ड्रिप की बोतल लटकी है। बेड के पास रखी टेबल पर दवाइयां और इंजेक्शन रखे हैं, लेकिन इस बीमारी की हालत में भी उनके सामने एक लैपटॉप खुला हुआ है।
शिंदे ने अस्पताल से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक और आपदा प्रबंधन अधिकारियों की एक आपातकालीन बैठक ली। उन्होंने मुंबई, ठाणे और पुणे में भारी बारिश से उत्पन्न परिस्थितियों की समीक्षा की और अधिकारियों को जलभराव से निपटने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
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शिवसेना सूत्रों ने पुष्टि की है कि शुक्रवार को जब राज्य विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा था, तभी शिंदे को तेज बुखार महसूस हुआ था। यह अचानक आई बीमारी राज्य में पिछले दिनों हुई जबरदस्त राजनीतिक उथल-पुथल के बाद सामने आई है। डिप्टी सीएम शिंदे हाल ही में 'ऑपरेशन टाइगर' के मुख्य सूत्रधार रहे हैं, जिसके तहत उद्धव ठाकरे गुट के 6 सांसदों और मुंबई के एमएलसी सचिन अहीर ने पाला बदलकर शिंदे की शिवसेना का दामन थामा था।
इन बड़े राजनीतिक घटनाक्रमों को अमलीजामा पहनाने के लिए शिंदे को लगातार मैराथन बैठकें और नई दिल्ली के दौरे करने पड़े थे, जिससे उन्हें भारी थकान हो गई।
अस्पताल से ही सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए एकनाथ शिंदे ने नागरिकों को मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर सुबह 4 बजे हुए भूस्खलन और रेलवे रूट प्रभावित होने की जानकारी दी। उन्होंने जनता से बेहद जरूरी न होने पर यात्रा टालने की अपील की है।
दूसरी तरफ, शिंदे के अस्वस्थ होने के कारण उनके राजनीतिक कार्यक्रमों की कमान उनके बेटे और सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने संभाल ली है। धुले की कद्दावर नेता शुभांगी पाटिल को शिंदे की मौजूदगी में पार्टी में शामिल होना था, लेकिन अचानक बदले घटनाक्रम के बाद देर रात 2 बजे डॉ. श्रीकांत शिंदे की अध्यक्षता में यह प्रवेश प्रक्रिया पूरी की गई।