Amit Thackeray On Disha Salian Case: दिशा सालियन मौत मामले में सीबीआई जांच शुरू होने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में घमासान तेज हो गया है। उद्धव ठाकरे तथा यूबीटी सांसद संजय राउत के बाद अब मनसे नेता अमित ठाकरे भी अपने चचेरे भाई आदित्य ठाकरे के बचाव में आगे आए हैं। अमित ने कहा कि आदित्य ऐसे मामले में शामिल नहीं हो सकते।
वहीं दूसरी ओर बीजेपी नेताओं और राजनीतिक विरोधियों ने उन पर जोरदार हमला बोला है। मामले में नितेश राणे ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि आदित्य ठाकरे की गिरफ्तारी के अलावा सीबीआई के पास कोई विकल्प नहीं बचेगा। शिवसेना नेता संजय निरुपम और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर रहीं 28 वर्षीय दिशा सालियन की 8 जून 2020 को मुंबई के मालाड में एक इमारत की 12वीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई थी। पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया था। मुंबई हाईकोर्ट की सख्ती के बाद सीबीआई ने अब इस मामले में एफआईआर दर्ज की है।
एफआईआर में अभी किसी का नाम आरोपी के रूप में दर्ज नहीं है। लेकिन दिशा के पिता सतीश सालियन और उनके वकील ने मामले में आदित्य ठाकरे सहित कई अन्य लोगों पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। हालांकि आदित्य ठाकरे पहले ही कह चुके हैं कि कोई भूमिका नहीं है।
उफ मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के नेता संजय निरुपम ने कहा कि सीबीआई जांच को होने देना चाहिए और उससे पहले दिशा सालियन या उनके पिता सतीश सालियन पर आरोप नहीं लगाने चाहिए। उनका कहना है कि पर्याप्त सबूत मिलने तक किसी को भी आरोपी नहीं माना जाना चाहिए।
राज्य के कैबिनेट मंत्री नितेश राणे ने कहा कि संजय राऊत, सुषमा अंधारे और उद्धव ठाकरे जितना इस मामले पर बोलेंगे और सतीश सालियन पर दबाव बनाएंगे, उतनी ही उनकी अपनी मुश्किलें बढ़ेंगी।
राणे ने कहा कि ऐसे मामलों में अंडर-ट्रायल या कस्टोडियल पूछताछ का कानून में प्रावधान है, इसलिए सीबीआई के पास आदित्य ठाकरे को गिरफ्तार कर पूछताछ करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। उन्होंने यह भी कहा कि छह साल पहले महाविकास आघाडी सरकार के दौरान सबूत नष्ट किए गए थे और उस समय पुलिस पर सत्ताधारियों का दबाव था।
भाजपा के महाराष्ट्र प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने कहा कि इस मामले में सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होनी चाहिए। जांच एजेंसी सही कर रही है या गलत, अभी यह कहना उचित नहीं होगा, क्योंकि यह तय करने का अधिकार जांच एजेंसी को ही है। उन्होंने जांच एजेंसी से निष्पक्ष जांच की अपील की।
दिशा सालियन का 8 जून 2020 को मालाड में निधन हुआ था।
हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने अब एफआईआर दर्ज की।
अमित ठाकरे बोले, आदित्य ऐसे मामले में शामिल नहीं हो सकते।
नितेश राणे ने आदित्य की गिरफ्तारी की आशंका जताई।
संजय निरुपम और रवींद्र चव्हाण ने निष्पक्ष जांच की बात कही।