Dharavi Tree Cutting Proposal: एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती धारावी के कायाकल्प के लिए जारी 'धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट' ने अब गति पकड़ ली है, लेकिन इसके साथ ही क्षेत्र के पर्यावरण पर बड़ा असर पड़ता दिख रहा है। परियोजना के तहत धारावी इलाके में पुनर्वास इमारतों के निर्माण और खुदाई के कार्यों के कारण लगभग 8,000 पेड़ प्रभावित होंगे।
पेड़ों को हटाने और उनके स्थान पर नए पौधे लगाने से जुड़ा एक विस्तृत प्रस्ताव मंगलवार को बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) की 'ट्री अथॉरिटी' की बैठक में पेश किया गया।
बृहन्मुंबई नगर निगम के उद्यान विभाग को सौंपे गए प्रस्ताव के अनुसार, धारावी के सिटी सर्वे नंबर 2 और 3 (सब-प्लॉट B) पर जारी निर्माण कार्यों में पहले चरण के तहत कुल 1,693 पेड़ प्रभावित होंगे। इनमें से 871 पेड़ों को सीधे काटा जाएगा, जबकि 822 पेड़ों को दूसरी जगह ट्रांसप्लांट (प्रत्यारोपित) किया जाएगा।
इस पर्यावरणीय नुकसान की भरपाई के लिए डेवलपर कंपनी ने बीएमसी को लिखित आश्वासन दिया है कि वह पालघर जिले के चहाडे गांव में 90 एकड़ जमीन पर स्थानीय प्रजातियों के 22,904 पेड़ लगाएगी। पेड़ काटे जाने के 15 दिनों के भीतर यह पौधरोपण प्रक्रिया शुरू करने की शर्त रखी गई है।
बीएमसी की योजना के अनुसार, पालघर में पौधरोपण के अलावा धारावी में उपलब्ध कराई जाने वाली खुली जगहों पर भी भविष्य में लगभग 30,000 पेड़ लगाए जाएंगे।
दूसरी ओर, प्रोजेक्ट को रफ्तार देने के लिए 'BEST' अंडरटेकिंग के धारावी और काला किला बस डिपो की 2.35 एकड़ जमीन को भी धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट और नवभारत मेगा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड को ट्रांसफर करने की मंजूरी दे दी गई है। बाकी संबंधित जमीन जिला कलेक्टर के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आती है।
ट्री अथॉरिटी की बैठक में केवल धारावी ही नहीं, बल्कि मुंबई शहर के अन्य निजी व बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं का प्रस्ताव भी रखा गया है। अन्य प्रोजेक्ट्स के कारण शहर में कुल 1,443 पेड़ प्रभावित हो रहे हैं, जिनमें से 902 पेड़ों को काटने और 541 पेड़ों को ट्रांसप्लांट करने का प्रस्ताव है। नगर निगम ने दावा किया है कि इन परियोजनाओं के बदले में भी 21,625 नए पौधे रोपे जाएंगे।