विधानसभा सत्र के दौरान देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: डिजाइन फोटो) 
मुंबई

वे मिमिक्री क्षेत्र में होते तो स्टैंडअप कॉमेडियन बेरोजगार हो जाते, राज ठाकरे को सीएम फडणवीस का करारा जवाब

Devendra Fadnavis Statement: सीएम फडणवीस ने राज ठाकरे के हिंदी भाषण वाले तंज पर पलटवार करते हुए उन्हें मिमीक्री आर्टिस्ट बताया। कहा- अगर वे इस क्षेत्र में होते तो स्टैंडअप कॉमेडियन बेरोजगार हो जाते।

गोरक्ष पोफली

Devendra Fadnavis Slams Raj Thackeray: महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों शब्दों के बाण बेहद पैने हो गए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे पर एक ऐसा तंज कसा है, जिसने सियासी गलियारों में भारी हलचल मचा दी है। राज ठाकरे द्वारा हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के विधानसभा में दिए गए हिंदी भाषण की नकल उतारने और उन पर निशाना साधने के बाद, अब फडणवीस ने पलटवार करते हुए उन्हें एक उत्तम मिमीक्री आर्टिस्ट करार दिया है। फडणवीस ने कहा कि यदि राज ठाकरे इस क्षेत्र में पेशेवर रूप से होते, तो आज देश का कोई भी स्टैंडअप कॉमेडियन उनके आगे टिक नहीं पाता और सबका मार्केट खत्म हो जाता।

हिंदी बनाम मराठी का विवाद

इस पूरे विवाद की जड़ राज ठाकरे का वह बयान है, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के विधानसभा में हिंदी में बोलने पर सवाल उठाए थे। राज ठाकरे ने तंज कसते हुए कहा था कि महाराष्ट्र की विधानसभा में सुनने वाले लोग मराठी हैं, फिर मुख्यमंत्री हिंदी में भाषण क्यों दे रहे हैं? उन्होंने सुझाव दिया था कि शायद फडणवीस केंद्र में बैठी अपनी आलाकमान को अपनी बात समझाने की कोशिश कर रहे हैं।

जिनको समझना चाहिए, उनके लिए बोला

विधानसभा में इस पर स्पष्टीकरण देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उन्होंने अपना पूरा भाषण मराठी में ही दिया था, लेकिन कुछ वाक्य हिंदी में इसलिए कहे ताकि जिन्हें समझना चाहिए, उन तक बात पहुंच सके। उन्होंने राज ठाकरे का नाम लिए बिना उन पर कटाक्ष किया कि मेरे हिंदी बोलने से हमारे मिमीक्री आर्टिस्ट मित्र को मिर्ची लग गई है।

भाड़े के टट्टू नहीं, अब भटक गदर्भ

मुख्यमंत्री ने मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट और केबल स्टेड ब्रिज की आलोचना करने वालों को पहले भाड़े के टट्टू कहा था। जब इस पर आपत्ति जताई गई, तो उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि वे अपना शब्द वापस लेते हैं और अब इसे सुसंस्कृत रूप देते हुए उन्हें भटक गदर्भ मतलब भटकता हुआ गधा कहेंगे। उन्होंने साफ किया कि पुल में कोई दरार नहीं है और झूठ फैलाना महाराष्ट्र का अपमान है।

राजनीति में नो रिस्क, मिमीक्री में नंबर वन

राज ठाकरे पर सीधा हमला बोलते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा, वे हमारे मित्र हैं और राजनीति में हमें उनसे कोई खतरा नहीं है। लेकिन मुझे खुशी है कि वे राजनीति में हैं। अगर वे मिमीक्री के क्षेत्र में चले जाते, तो आज एक भी स्टैंडअप कॉमेडियन का मार्केट नहीं बचता। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कुछ लोग केवल सुपारी लेकर आलोचना करते हैं और उन्हें यह समझ नहीं आता कि उनकी बातें किसे लग रही हैं।

इस प्रकार, महाराष्ट्र की राजनीति में अब विकास के मुद्दों के साथ-साथ व्यक्तिगत तंज और मिमीक्री की कला पर भी जंग छिड़ गई है, जिसने आने वाले चुनाव से पहले माहौल को और अधिक गर्मा दिया है।

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