

Rupali Chakankar Ashok Kharat AI Video Controversy: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की नेता रुपाली चाकणकर ने सोशल मीडिया पर अपनी छवि धूमिल करने का एक गंभीर आरोप लगाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। चाकणकर का दावा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का दुरुपयोग करके बनाए गए कुछ फर्जी वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल किए जा रहे हैं, जिससे उनकी व्यक्तिगत और सार्वजनिक प्रतिष्ठा को भारी नुकसान पहुंच रहा है। शुक्रवार को इस मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट में प्रारंभिक सुनवाई हुई, जिसके बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 23 जुलाई की तारीख तय की है।
दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान रुपाली चाकणकर के वकील ने अदालत को बताया कि नासिक के भोंदूबाबा अशोक खरात मामले से जुड़े कई AI वीडियो सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर प्रसारित किए गए हैं। ये वीडियो कई राज्यों में वायरल हुए हैं और इन्हें 43 मिलियन (4.3 करोड़) से अधिक व्यूज मिलने का दावा किया गया है।
वकील ने कहा कि इन वीडियो के कारण रुपाली चाकणकर की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है। वहीं, प्रतिवादी पक्ष के वकील ने अदालत में कहा कि संबंधित वीडियो की जानकारी या उनके विवरण उनके पास उपलब्ध नहीं हैं। इसके बाद चाकणकर की ओर से अदालत के समक्ष इन एआई वीडियो से संबंधित जानकारी और दस्तावेज पेश किए गए।
याचिका में मांग की गई है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित एआई वीडियो के कारण रुपाली चाकणकर की व्यक्तिगत और सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंच रहा है, इसलिए अदालत इस मामले में हस्तक्षेप करे। दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को निर्धारित की है।
बता दें नासिक के भोंदूबाबा अशोक खरात का मामला पूरे राज्य में काफी सुर्खियों में रहा था। खरात पर कई महिलाओं के यौन शोषण के आरोप है। इसके बाद मामले से जुड़े विभिन्न फोटो, वीडियो और अन्य सामग्री सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई थी। अशोक खरात के साथ रुपाली चाकणकर की कुछ तस्वीरें सामने आई थी, जिसके बाद उन्हें महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा भी देना पड़ा था। इसी पृष्ठभूमि में रुपाली चाकणकर ने अदालत का रुख किया है।