Fadnavis Cabinet Meeting: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में आज राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरगामी बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में विभिन्न विभागों के उन रणनीतिक प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई, जो राज्य के विकास और बुनियादी ढांचे पर गहरा प्रभाव डालेंगे।
आज कैबिनेट द्वारा लिए गए निर्णय मुख्य रूप से ग्रामीण अवसंरचना के कायाकल्प, स्वास्थ्य सुविधाओं में अत्याधुनिक और विश्वस्तरीय तकनीक के समावेश, और राज्य भर में डिजिटल कनेक्टिविटी के जाल को और मजबूत करने पर केंद्रित रहे। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में लिए गए 6 सबसे प्रमुख और बड़े फैसलों का विस्तृत ब्योरा नीचे दिया गया है।
गंभीर बीमारियों के इलाज और सटीक डायग्नोसिस (निदान) के क्षेत्र में महाराष्ट्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कैबिनेट ने नागपुर में 'उच्च ऊर्जा चिकित्सा साइक्लोट्रॉन परियोजना' (NHECP) की स्थापना को मंजूरी दे दी है। चिकित्सा शिक्षा और औषधि विभाग के तहत शुरू होने वाली यह परियोजना पूरे मध्य भारत की एकमात्र और सबसे महत्वाकांक्षी चिकित्सा प्रणाली होगी। इस अत्याधुनिक तकनीक के जरिए कैंसर जैसी विभिन्न गंभीर बीमारियों का समय पर और बेहद सटीक पता लगाया जा सकेगा, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद मरीजों को मुंबई या दिल्ली भागे बिना नागपुर में ही बेहद किफायती दरों पर विश्वस्तरीय इलाज मिल सकेगा।
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स्वच्छ पानी के लिए नई नीति: राज्य के सुदूर ग्रामीण अंचलों में भीषण जल संकट और पेयजल की कमी को स्थायी रूप से दूर करने के लिए जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग की ओर से 'महाराष्ट्र ग्रामीण पेयजल नीति 2026' की आधिकारिक घोषणा की गई है। इसके तहत पुरानी और खंडित जल योजनाओं को एकीकृत (इंटीग्रेट) कर एक दीर्घकालिक मास्टर प्लान बनाया जाएगा, ताकि ग्रामीण आबादी को साल भर शुद्ध, कीटाणुरहित और गुणवत्तापूर्ण पानी मिल सके।
इलेक्ट्रॉनिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभाग के अंतर्गत 'महाराष्ट्र स्वचालित प्रणाली नीति-2026' को मंजूरी दी गई है। इस क्रांतिकारी नीति के तहत कृषि, भूमि सर्वेक्षण, वायु और समुद्र के जोखिम भरे क्षेत्रों में मानव रहित प्रणालियों जैसे ड्रोन और रोबोट के स्वदेशी निर्माण, अनुसंधान (R&D) और युवाओं के तकनीकी प्रशिक्षण को विशेष बजटीय प्रोत्साहन दिया जाएगा।
डिजिटल कनेक्टिविटी को ग्राम पंचायतों तक तेज करने के लिए कैबिनेट ने 'संशोधित भारत नेट कार्यक्रम' के तहत "महानत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MDIL)" नामक एक राज्य-नेतृत्व वाली विशेष प्रयोजन इकाई (SPV) स्थापित करने का निर्णय लिया है।
शहरी विकास विभाग की ओर से स्थानीय निकाय चुनावों (नगर निगम, नगर परिषद) में आरक्षित सीटों पर जीतकर आए उम्मीदवारों को सबसे बड़ी राहत दी गई है। प्रशासनिक दिक्कतों को देखते हुए ऐसे निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए जाति वैधता प्रमाण पत्र (Caste Validity Certificate) जमा करने की वैधानिक समय सीमा को 6 महीने के लिए बढ़ा दिया गया है। इसके लिए मुंबई नगर निगम अधिनियम और महाराष्ट्र नगर परिषद अधिनियम में आवश्यक संशोधनों के अध्यादेश को भी मंजूरी दे दी गई है।